Bihar CM:
Bihar CM: एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी और सरकार के आगामी कार्यों का एजेंडा साझा किया। उन्होंने कहा कि बिहार में अब और अधिक विकास करना है, और पिछले कार्यकाल से भी अधिक प्रभावी तरीके से काम करना है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा सहयोग मिल रहा है, जो राज्य सरकार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति में एक स्पष्ट संकेत दिया और आरजेडी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले के शासनकाल में कोई ठोस काम नहीं हुआ था। उनका इशारा तब के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासन की ओर था। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार विधानसभा का सेंट्रल हॉल तो दरअसल हमारे ही लोगों का है, और जब सब कुछ अब ठीक से हो रहा है, तो हम और तेज़ी से काम करेंगे।
19 नवंबर को बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए के विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें प्रमुख नेताओं की उपस्थिति रही। बैठक में चिराग पासवान और जीतन राम मांझी भी शामिल हुए। इस बैठक के दौरान बीजेपी के नेता सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार का नाम एनडीए विधायक दल के नेता के रूप में प्रस्तावित किया। नीतीश कुमार के नाम की घोषणा होते ही हॉल तालियों से गूंज उठा और सभी सदस्यों ने उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना।
एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार अपने आवास पर लौटे, जहाँ उनके साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी थे। थोड़ी देर बाद वे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपा। इस अवसर पर, नीतीश कुमार ने विधायकों के समर्थन वाला पत्र भी राज्यपाल को सौंपा और इस तरह से राज्य में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
अब, 20 नवंबर को नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। यह उनका 10वां कार्यकाल होगा, जब वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। खास बात यह है कि नवंबर का महीना नीतीश कुमार के लिए काफी लकी साबित हुआ है, क्योंकि यह पांचवीं बार होगा जब वे इस महीने में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहेंगे।
नई सरकार के गठन के बाद, नीतीश कुमार ने राज्य में तेज़ी से विकास की दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के मुकाबले उनकी सरकार और अधिक योजनाबद्ध तरीके से काम करेगी और बिहार को एक नई दिशा देने का प्रयास करेगी। उनके नेतृत्व में अब केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे, ताकि राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल सकें।
नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद पर दसवीं बार शपथ लेना राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय है। उनके नेतृत्व में एनडीए सरकार ने विकास को अपनी प्राथमिकता बताया है, और इससे राज्य के नागरिकों को काफी उम्मीदें हैं। अब यह देखना होगा कि वह अपने वादों को किस तरह से पूरा करते हैं और बिहार में और तेजी से विकास को कैसे आगे बढ़ाते हैं।
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