Bihae Election: बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने रोजगार और विकास को लेकर जोरदार बयान दिया है। सीतामढ़ी में आयोजित एक चुनावी रैली में किशोर ने कहा कि अगर जनता उनकी पार्टी को वोट देती है, तो बिहार के युवाओं को राज्य छोड़कर नौकरी तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

किशोर ने कहा, “हम बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे। जो लोग छठ पर्व के लिए घर आए हैं, उन्हें रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इस बार बिहार में जनता की सरकार बनने जा रही है।”
बंदुआ मजदूरी और रोजगार पर फोकस
प्रशांत किशोर ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में जनता राजनीतिक बंधुआ मजदूरी का शिकार हो रही है। उन्होंने कहा कि लोग लालू प्रसाद यादव से डरकर बीजेपी को वोट देते हैं, लेकिन अब बदलाव का समय आ गया है। किशोर ने साफ कहा कि अगले 10-15 दिनों में लोगों को तय करना होगा कि वे मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखना चाहते हैं या बदलाव लाना चाहते हैं।
बीजेपी पर तंज: बुलेट ट्रेन बन रही, बिहार के युवा संघर्ष कर रहे
किशोर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात में एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन बनाई जा रही है, जबकि बिहार के युवा छठ पर्व के लिए ट्रेन में सीट पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका यह बयान राज्य में सुविधाओं और अवसरों की असमानता पर ध्यान आकर्षित करने वाला माना जा रहा है।
निर्दलीय उम्मीदवार पार्टी में शामिल
गोपालगंज से निर्दलीय उम्मीदवार अनूप कुमार श्रीवास्तव ने किशोर की उपस्थिति में जन सुराज पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। इससे पहले पार्टी के उम्मीदवार शशि शेखर सिन्हा ने गोपालगंज विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन वापस लिया था। किशोर ने बताया कि श्रीवास्तव अब पार्टी का समर्थन हासिल कर आगामी चुनावों में मैदान में होंगे।
प्रशांत किशोर की सियासी रणनीति
प्रशांत किशोर का जोर रोजगार, युवाओं और बिहार के विकास पर है। उन्होंने अपनी पार्टी को युवा केंद्रित और विकासोन्मुख बताया और कहा कि उनका मकसद राज्य के युवाओं को स्थानीय रोजगार के अवसर देना है। किशोर की यह रणनीति राज्य में बीजेपी और अन्य बड़े राजनीतिक दलों के खिलाफ चुनौती के रूप में देखी जा रही है।
बिहार में आगामी चुनाव में रोजगार, विकास और सुविधाओं की कमी बड़े मुद्दे बनकर उभर रहे हैं। किशोर का बयान युवाओं और आम जनता के बीच पार्टी की स्थानीय विकास योजनाओं को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।


















