Bihar politics 2025 : बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में महागठबंधन ने बुधवार को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया था। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक साझा मार्च निकाला। लेकिन इस रैली के दौरान एक दृश्य ने सबका ध्यान खींचा—कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को उस ट्रक पर चढ़ने नहीं दिया गया, जिस पर राहुल और तेजस्वी सवार थे।
जनसुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिहार में आरजेडी की ‘पिछलग्गू’ बन चुकी है और आरजेडी नहीं चाहती कि कांग्रेस में कोई ऐसा नेता उभरे जो उसकी सत्ता को चुनौती दे सके। किशोर ने कन्हैया कुमार को कांग्रेस का सबसे प्रभावशाली नेता बताया और आरोप लगाया कि आरजेडी उनके बढ़ते प्रभाव से घबरा रही है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि कन्हैया कुमार जैसा तेजतर्रार नेता आरजेडी की छाया में रहकर राजनीति नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी के इशारे पर ही कन्हैया को रैली के ट्रक पर नहीं चढ़ने दिया गया। किशोर ने यह भी कहा कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा कन्हैया को CWC (कांग्रेस वर्किंग कमेटी) में आमंत्रित सदस्य बनाया गया है, फिर भी उन्हें मंच से दूर रखना कांग्रेस की बिहार में कमजोर स्थिति को दर्शाता है।
प्रशांत किशोर ने दो टूक कहा कि बिहार में कांग्रेस की अपनी कोई राजनीतिक पहचान नहीं बची है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब आरजेडी के निर्देशों पर काम करती है। किशोर ने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस अगर बिहार में स्वतंत्र निर्णय लेने लगे, तो कन्हैया कुमार जैसे नेता उभर सकते हैं, जिससे आरजेडी की पकड़ कमजोर पड़ जाएगी। इसी डर के चलते उन्हें ट्रक पर चढ़ने नहीं दिया गया।
गाड़ी पर न चढ़ने के सवाल पर निर्दलीय विधायक पप्पू यादव ने बेहद सहज जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब लिस्ट में उनका नाम ही नहीं था, तो मंच पर क्यों चढ़ते। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ राहुल गांधी को सपोर्ट करने और बिहार बंद का नेतृत्व करने पहुंचे थे। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव तो बाद में आए, जबकि बंद की कॉल कांग्रेस ने दी थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में कांग्रेस और आरजेडी के रिश्तों की असलियत को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर कांग्रेस का नेतृत्व केंद्र स्तर पर मजबूत दिख रहा है, वहीं राज्य स्तर पर उसकी भूमिका सीमित होती जा रही है। प्रशांत किशोर के बयान ने इस बहस को और गहरा कर दिया है कि क्या कांग्रेस बिहार में स्वतंत्र पहचान बना पाएगी या हमेशा आरजेडी की छाया में रहेगी।
Read More : Trump Brazil Tariff : डोनाल्ड ट्रम्प का बड़ा फैसला, ब्राजील पर लगाया 50% टैरिफ
Ambikapur Land Mafia : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में बस स्टैंड के पास स्थित ऐतिहासिक…
WB Elections : पश्चिम बंगाल में मतगणना (Counting) की प्रक्रिया और निष्पक्षता को लेकर सत्ताधारी…
Balcony Gardening Tips : भारतीय व्यंजनों में भिंडी का एक विशेष स्थान है। चाहे मसालेदार…
Viral Video : आज के दौर में सोशल मीडिया हमारी जीवनशैली का एक अभिन्न अंग…
Anemia in Children : आज के दौर में छोटे बच्चों में खून की कमी यानी…
Puja Room Vastu : अक्सर भक्तों के मन में यह जिज्ञासा उत्पन्न होती है कि…
This website uses cookies.