Bihar Politics
Bihar Politics: बिहार की सियासत के सबसे चर्चित पते, ’10 सर्कुलर रोड’ पर शुक्रवार की रात अचानक बढ़ी सरगर्मी ने राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के इस सरकारी आवास पर देर रात कुछ पिकअप वैन को परिसर के भीतर जाते देखा गया। चश्मदीदों के अनुसार, इन वाहनों के माध्यम से आवास के भीतर लगे कीमती पेड़-पौधों और गमलों को बाहर ले जाया जा रहा था। इस अचानक हुई गतिविधि ने उन चर्चाओं को हवा दे दी है कि क्या लालू-राबड़ी परिवार अब इस ऐतिहासिक बंगले को छोड़ने की तैयारी कर चुका है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आवास से निकाले गए इन पौधों को पटना के गोला रोड स्थित लालू प्रसाद यादव की निजी गौशाला में भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि वहां से इन पौधों को बाद में किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। हालांकि, अभी तक केवल पौधों को ही ले जाते हुए देखा गया है और घर के फर्नीचर, सोफे या अन्य भारी घरेलू सामानों की आवाजाही शुरू नहीं हुई है। इसके बावजूद, राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह आवास खाली करने की एक क्रमिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, जिसकी शुरुआत बगीचे और बाहरी साज-सज्जा से की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वर्तमान में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव दोनों ही पटना में मौजूद नहीं हैं। दोनों नेता इस समय दिल्ली में हैं। उनकी गैरमौजूदगी में आवास पर हुई इस हलचल ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या परिवार ने दिल्ली से ही आवास खाली करने का निर्देश दिया है? या यह केवल बंगले की मरम्मत और साफ-सफाई से जुड़ा कोई नियमित कार्य है? इन सवालों पर फिलहाल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि राबड़ी देवी को यह आवास खाली करने का नोटिस भवन निर्माण विभाग द्वारा 25 नवंबर को ही दिया जा चुका था। सरकारी नियमों और प्रोटोकॉल के तहत, विभाग ने राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते अब ’39 हार्डिंग रोड’ स्थित बंगला आवंटित किया है। सरकार की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया था कि उन्हें आवंटित पद के अनुसार नए बंगले में शिफ्ट होना होगा। 10 सर्कुलर रोड का बंगला दशकों से लालू परिवार की शक्ति का केंद्र रहा है, ऐसे में इसे छोड़ना उनके लिए एक बड़े भावनात्मक और राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि राबड़ी देवी वास्तव में कब तक पूरी तरह से इस बंगले को खाली करेंगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक राजद इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं करता, तब तक यह कहना मुश्किल है कि पौधों की शिफ्टिंग का असली उद्देश्य क्या है। हालांकि, भवन निर्माण विभाग के नोटिस की समय सीमा और रात के अंधेरे में वाहनों की आवाजाही यह इशारा जरूर कर रही है कि लालू परिवार नए साल से पहले अपने नए ठिकाने की ओर रुख कर सकता है। फिलहाल, पूरे बिहार की नजरें अब 10 सर्कुलर रोड के गेट पर टिकी हैं।
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