Bilaspur ACB Raid
Bilaspur ACB Raid: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान में बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम को एक और बड़ी सफलता मिली है। शनिवार, 21 फरवरी 2026 को एसीबी ने मस्तूरी के फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार को 90,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए उनके निवास से रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई प्रशासन में बैठे उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो जनहित के कार्यों के बदले अवैध वसूली में संलिप्त हैं।
यह पूरा विवाद ग्राम विद्याडीह में सरकारी उचित मूल्य की दुकान के आवंटन से जुड़ा है। वर्तमान में इस दुकान का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। गांव के एक स्व-सहायता समूह ने नियमतः इस दुकान के संचालन की जिम्मेदारी लेने के लिए करीब तीन महीने पहले एसडीएम कार्यालय मस्तूरी में आवेदन दिया था। समूह के अध्यक्ष और विद्याडीह निवासी महेंद्र पटेल इस प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए लगातार विभाग के चक्कर काट रहे थे।
समूह के आवेदन पर जांच रिपोर्ट तैयार करने और आवंटन आदेश जारी करवाने की जिम्मेदारी मस्तूरी के फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार के पास थी। महेंद्र पटेल का आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर ने इस काम को आगे बढ़ाने के बदले 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। महेंद्र पटेल भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय इसे उजागर करने का फैसला किया और 3 फरवरी 2026 को बिलासपुर एसीबी कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी के डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। सबसे पहले शिकायत की प्राथमिक जांच की गई, जिसमें फूड इंस्पेक्टर द्वारा रिश्वत मांगने की बात पुख्ता हुई। इसके बाद एसीबी ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक सुनियोजित ‘ट्रैप’ तैयार किया। योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता को रसायनों से रंगे हुए नोट देकर आरोपी के पास भेजा जाना तय हुआ।
शनिवार सुबह, एसीबी की योजना के मुताबिक महेंद्र पटेल रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 90,000 रुपए लेकर बिलासपुर के महावीर सिटी स्थित फूड इंस्पेक्टर के घर पहुंचे। जैसे ही श्याम वस्त्रकार ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, वहां सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपी के हाथ धुलाने पर गुलाबी रंग उभर आया, जो रिश्वत लेने का वैज्ञानिक प्रमाण है। मौके से पूरी रकम बरामद कर ली गई है।
एसीबी ने आरोपी फूड इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया कि यह इस साल बिलासपुर संभाग में एसीबी की चौथी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले टीम ने तहसीलदार, पटवारी, एसडीएम के लिपिक और बिजली विभाग (CSPDCL) के अधिकारियों को भी इसी तरह जाल बिछाकर पकड़ा था।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी जायज काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे बिना इसकी सूचना विभाग को दें। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए जनता की भागीदारी अनिवार्य है।
Sabarimala Temple Case : सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर चल रहे ऐतिहासिक…
Janjgir Champa Murder : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में एक ऐसा…
Dhar Road Accident : मध्य प्रदेश के धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से एक…
Phoolbasan Bai Kidnapping : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने…
China Robot Attack : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के इस दौर में आए दिन तकनीक…
ICC Team Rankings 2026 : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ताजा सालाना मेन्स T20I टीम…
This website uses cookies.