Bilaspur Fire: न्यायधानी बिलासपुर के मंगला क्षेत्र में रविवार की सुबह दहशत और धुएं के गुबार के साथ शुरू हुई। यहाँ स्थित गजमोहिनी अपार्टमेंट के निचले हिस्से में सुबह करीब 5 बजे अचानक भीषण आग लग गई। जिस वक्त यह हादसा हुआ, अपार्टमेंट के अधिकांश निवासी गहरी नींद में थे। आग की लपटें देखते ही पूरे परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया।
Bilaspur Fire: रिहायशी इलाके में नियमों की धज्जियां
हादसे के बाद हुई प्राथमिक जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस रिहायशी अपार्टमेंट में लोगों के रहने के लिए फ्लैट्स बने हैं, उसके ग्राउंड फ्लोर का उपयोग अवैध रूप से व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा था। यहाँ इलेक्ट्रॉनिक सामान का एक बहुत बड़ा गोदाम संचालित था। नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि रिहायशी परिसर में गोदाम चलाना सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि संचालकों से बिल्डिंग के दस्तावेज मांगे जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रशासन ने शहर के सभी अपार्टमेंट्स का सुरक्षा सर्वे कराने का निर्णय लिया है।
Bilaspur Fire: धुएं के गुबार से बदली तस्वीर
ग्राउंड फ्लोर पर काम कर रहे कर्मचारियों ने सुबह सबसे पहले धुआं उठते देखा था। प्रत्यक्षदर्शी दिनेश कुमार मिश्रा के अनुसार, शुरुआत में धुआं बहुत हल्का था और ऐसा लगा कि इसे काबू कर लिया जाएगा। लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना दिए जाने तक लपटें इतनी तेज हो चुकी थीं कि पास जाना भी मुश्किल हो गया था। अपार्टमेंट में कुल 48 फ्लैट हैं, जिनमें रहने वाले दर्जनों परिवारों की जान जोखिम में पड़ गई थी।
संसाधनों की कमी और दमकल की देरी: बचाव कार्य में आई बाधाएं
हादसे के शुरुआती दौर में आग बुझाने के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं था। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर प्रयास किए, लेकिन आग की तीव्रता के आगे वे नाकाफी साबित हुए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायर अधिकारियों ने बताया कि गोदाम का क्षेत्रफल बहुत बड़ा है और अंदर जाने का रास्ता काफी संकरा है, जिससे ऑपरेशन में कठिनाई आई। अत्यधिक गर्मी और घने काले धुएं के कारण दमकलकर्मियों को दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा।
भारी आर्थिक नुकसान: शॉर्ट सर्किट हो सकता है आग का मुख्य कारण
कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, गोदाम में रखा लाखों रुपये का कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान (टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन आदि) जलकर पूरी तरह राख हो गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। फिलहाल इलाके में दहशत का माहौल है और प्रशासन स्थिति की बारीकी से जांच कर रहा है।
















