Bilaspur Crime
Bilaspur Crime: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पेंडरवा में अवैध संबंधों के संदेह में एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। इस खूनी संघर्ष में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुदाद बेगम की तलवार से वार कर बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों का क्रूर चेहरा तब सामने आया जब उन्होंने मृतका की आंखें तक निकाल लीं। इस हमले में परिवार के 7 अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में सिम्स (SIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है।
पुलिस जांच में पता चला है कि इस खूनी खेल की पटकथा अवैध संबंधों के शक में लिखी गई थी। मुख्य आरोपी सुरेश श्रीवास को संदेह था कि उसकी पत्नी का संबंध गांव के ही एक युवक शेख सलीम से है, जो पेशे से ऑटो चालक है। बताया जा रहा है कि सलीम स्वसहायता समूह की महिलाओं को लाने-ले जाने का काम करता था और इसी दौरान उसकी जान-पहचान सुरेश की पत्नी से हुई थी। इस बात को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से रंजिश चल रही थी। सुरेश का दावा है कि सलीम की वजह से ही उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया और कुछ माह पहले तलाक ले लिया, जिसका बदला लेने के लिए वह मौके की तलाश में था।
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना से एक दिन पहले मंगलवार को जब वे शिकायत लेकर रतनपुर थाने पहुंचे थे, तो पुलिस ने उनकी बात अनसुनी कर दी। परिजनों के अनुसार, आरोपी सुरेश और उसके बेटों ने उन्हें चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी थी। जब महिलाएं मदद मांगने थाने गईं, तो पुलिसकर्मियों ने यह कहकर उन्हें वापस भेज दिया कि अभी ‘राज्यपाल का कार्यक्रम’ है, वे बाद में गांव आकर मामला सुलझाएंगे। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो शायद एक महिला की जान बच जाती।
बुधवार की शाम सुरेश श्रीवास अपने दो नाबालिग बेटों के साथ हथियार बंद होकर शेख सलीम के घर पहुंचा। सलीम उस वक्त घर पर नहीं था, लेकिन आरोपियों ने घर में मौजूद महिलाओं और बच्चों पर अंधाधुंध हमला शुरू कर दिया। हमलावरों ने सबसे पहले बुजुर्ग महिला मुदाद बेगम को निशाना बनाया। चश्मदीदों के अनुसार, उनका गला रेतने के बाद तलवार से उनकी आंखें निकाल ली गईं। इसके बाद जो भी सामने आया, आरोपियों ने उसे लहूलुहान कर दिया। घायलों में महिलाएं और छोटी बच्चियां भी शामिल हैं, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
खून से सनी इस वारदात को अंजाम देने के बाद सुरेश और उसके दोनों बेटे भागने के बजाय सीधे रतनपुर थाने पहुंचे और वहां सरेंडर कर दिया। उनके पीछे-पीछे लहूलुहान अवस्था में घायल परिजन भी थाने पहुंचे, जिन्हें देखकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने तत्काल सभी घायलों को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल भेजा। घायलों की पहचान रेहाना बेगम, शहनाज बेगम, शेख सुहाना, परी परवीन, अलिशा परवीन, साहिस्ता और शेख सब्बीर के रूप में हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के एसएसपी रजनेश सिंह और एडिशनल एसपी ग्रामीण दल-बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने गांव में फ्लैग मार्च किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। कोटा एसडीओपी नुपुर उपाध्याय ने बताया कि मुख्य आरोपी और उसके दोनों नाबालिग बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब उन परिस्थितियों की भी जांच कर रही है कि आखिर क्यों पहले दी गई शिकायत पर गौर नहीं किया गया। फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है और माहौल शांत है।
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