Bilaspur Suicide: छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के जानलेवा जाल ने एक व्यक्ति की जान ले ली। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जोंधरा में रहने वाले एक अधेड़ व्यक्ति ने कथित तौर पर साधना के दौरान स्वयं पर घातक प्रहार कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना न केवल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि समाज में व्याप्त गहरे अंधविश्वास की जड़ों को भी उजागर करती है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक लंबे समय से तंत्र-मंत्र की गतिविधियों में संलिप्त था, जिसका अंत इस भीषण त्रासदी के रूप में हुआ।

शाम को भीख मांगकर लौटा और पूजा कक्ष में रचा खूनी खेल
मृतक की पहचान 45 वर्षीय चंदन नट के रूप में हुई है, जो मूलतः भिक्षाटन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मंगलवार का दिन चंदन के लिए किसी सामान्य दिन की तरह ही शुरू हुआ था। वह सुबह भीख मांगने निकला और शाम करीब 6 बजे अपने घर लौटा। घर आने के बाद उसने अपने बड़े भाई के साथ बैठकर काफी देर तक बीड़ी पी और सामान्य बातचीत की। किसी को इस बात का जरा भी आभास नहीं था कि चंदन के मन में क्या चल रहा है। भाई के जाने के तुरंत बाद, वह चुपचाप अपने घर के भीतर बने पूजा कक्ष में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया।
पूजा कक्ष में लहूलुहान लाश देख चीख पड़ी बहू
घटना का खुलासा तब हुआ जब शाम करीब 7 बजे चंदन की बहू किसी काम से पूजा वाले कमरे की ओर गई। जैसे ही उसने कमरे के भीतर का नजारा देखा, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। चंदन फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था और चारों ओर खून बिखरा हुआ था। बहू की चीख सुनकर उसका बेटा सुल्तान और परिवार के अन्य सदस्य दौड़कर वहां पहुंचे। कमरे का दृश्य इतना भयावह था कि हर कोई सन्न रह गया। आनन-फानन में परिजन चंदन को जीवित समझकर अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
पुलिस जांच में डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम की मदद
मामले की गंभीरता और घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पचपेड़ी पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला। बिलासपुर से विशेष रूप से डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया। चूंकि मामला संदिग्ध और तंत्र-मंत्र से जुड़ा था, इसलिए रात के समय शव को घटनास्थल पर ही सुरक्षित रखवाया गया ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। बुधवार की सुबह विशेषज्ञों की टीम ने बारीकी से जांच की और घटनास्थल से वह चाकू भी बरामद किया, जिससे चंदन ने अपना गला रेता था। इसके बाद शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पहले भी कर चुका था आत्मघाती प्रयास, एएसपी ने की पुष्टि
बिलासपुर की एएसपी (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि चंदन नट अक्सर पूजा-पाठ और रहस्मयी साधनाओं में लीन रहता था। जांच में पता चला है कि वह घटना वाली रात ही नया चाकू खरीदकर घर लाया था। परिजनों ने यह भी खुलासा किया कि यह उसकी पहली आत्मघाती कोशिश नहीं थी; करीब 4 महीने पहले भी उसने तंत्र-मंत्र के ही चक्कर में अपने हाथ की नस काट ली थी, तब समय रहते उसकी जान बचा ली गई थी। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह किसी तांत्रिक के संपर्क में था या मानसिक रूप से विक्षिप्त हो चुका था।


















