BJP Foundation Day 2026
BJP Foundation Day 2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आज अपना 46वां स्थापना दिवस मना रही है। 6 अप्रैल 1980 को अस्तित्व में आई यह पार्टी आज न केवल भारत के राजनीतिक क्षितिज पर चमक रही है, बल्कि संगठनात्मक और आर्थिक रूप से भी शिखर पर है। वर्तमान में देश के 21 राज्यों में भाजपा या उसके नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) की सरकारें हैं। 18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ भाजपा आज दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है और देश की सबसे अमीर पार्टी के रूप में भी इसकी पहचान स्थापित हो चुकी है।
भाजपा का विस्तार आज कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कामरूप तक देखा जा सकता है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गोवा, ओडिशा और बिहार जैसे प्रमुख राज्यों सहित नगालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, दिल्ली और आंध्र प्रदेश में भाजपा या उसके सहयोगियों की सरकारें हैं। हालांकि, पश्चिम बंगाल, केरलम और तेलंगाना जैसे राज्यों में पार्टी अभी भी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए संघर्षरत है।
गुजरात भाजपा की प्रयोगशाला और सबसे मजबूत किला माना जाता है। यहाँ पिछले 31 वर्षों से निरंतर भाजपा का शासन है। 1995 में केशुभाई पटेल के नेतृत्व से शुरू हुआ यह सफर सुरेश मेहता, शंकर सिंह वाघेला और दिलीप पारिख के दौर से गुजरते हुए 2001 में नरेंद्र मोदी के हाथों में आया। मोदी के मुख्यमंत्री बनने के बाद गुजरात विकास के मॉडल के रूप में उभरा। 2022 के चुनावों में पार्टी ने 156 सीटें जीतकर ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। वर्तमान में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है।
मध्य प्रदेश में भाजपा ने लगभग दो दशकों से अपनी पकड़ मजबूत बना रखी है। 2018 से 2020 के बीच कांग्रेस के 15 महीनों के शासन को छोड़ दें, तो यहाँ भाजपा का निरंतर वर्चस्व रहा है। शिवराज सिंह चौहान के ‘मामा’ वाले दौर से लेकर अब मोहन यादव के शासन तक, पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपनी जड़ें गहरी की हैं। वहीं हरियाणा में, जहाँ हर पांच साल में सत्ता बदलने का रिवाज था, भाजपा ने 2014 से लगातार शासन कर ‘हैट्रिक’ लगाकर उस ट्रेंड को तोड़ दिया है। मनोहर लाल खट्टर के बाद अब नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पार्टी जाट, दलित और पिछड़ा वर्ग के समीकरणों को साधकर आगे बढ़ रही है।
भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 2017 से योगी आदित्यनाथ की सरकार है। भाजपा ने यहाँ समाजवादी पार्टी के ‘एमवाई’ (मुस्लिम-यादव) समीकरण और बहुजन समाज पार्टी की दलितों पर पकड़ को ध्वस्त करते हुए हिंदुत्व और विकास के एजेंडे पर प्रचंड बहुमत हासिल किया। 2022 में दोबारा सत्ता में आकर योगी आदित्यनाथ ने दशकों पुराने मिथक तोड़े। अब सबकी निगाहें 2027 के विधानसभा चुनावों पर टिकी हैं, जहाँ भाजपा अपनी जीत के सिलसिले को बरकरार रखने का प्रयास करेगी।
भाजपा वर्तमान में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के मुहाने पर खड़ी है। असम में पार्टी के सामने जीत की हैट्रिक लगाने की चुनौती है। पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल करने के लिए पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। तमिलनाडु में एआईएडीएमके के साथ गठबंधन के जरिए वापसी की कोशिशें जारी हैं, तो केरलम में भी पार्टी अपने ‘कमल’ को खिलाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इन चुनावों के परिणाम आगामी राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे।
भाजपा आज सदस्यों के मामले में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बन चुकी है। 18 करोड़ से अधिक समर्पित कार्यकर्ता इसकी रीढ़ हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी एडीआर (ADR) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में पार्टी की आय 6769 करोड़ रुपये रही, जो इसे देश की सबसे अमीर पार्टी बनाती है। यह विशाल संसाधन पार्टी को अत्याधुनिक चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर तक पहुंचने में मदद करते हैं।
अटल जी का कीर्तिमान: अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपना 5 साल का कार्यकाल (1999-2004) सफलतापूर्वक पूरा किया। उनके नेतृत्व ने गठबंधन सरकार चलाने का नया मानक स्थापित किया।
शून्य से शिखर तक: 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को पूरे देश में महज 2 सीटें मिली थीं (एके पटेल और जंगा रेड्डी)। वहां से 2014 में पूर्ण बहुमत तक पहुंचना भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी गाथा है।
कमल और राष्ट्रीय गौरव: भाजपा का चुनाव चिन्ह ‘कमल’ न केवल राष्ट्रीय फूल है, बल्कि यह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीकों (रोटी और कमल) से भी प्रेरित है, जो भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद का प्रतिनिधित्व करता है।
वैचारिक जड़ें: भाजपा की उत्पत्ति 1951 के ‘भारतीय जनसंघ’ में निहित है। आपातकाल के बाद जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हुआ, लेकिन ‘दोहरी सदस्यता’ के विवाद के बाद 6 अप्रैल 1980 को भाजपा का जन्म हुआ।
पीएम मोदी का विश्व रिकॉर्ड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख (CM + PM कार्यकाल मिलाकर) रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने सिक्किम के पूर्व सीएम पवन चामलिंग के 8930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
गांधीवादी समाजवाद से एकात्म मानववाद: क्या आप जानते हैं कि 1980 में स्थापना के समय भाजपा ने ‘गांधीवादी समाजवाद’ को अपनी मुख्य विचारधारा के रूप में अपनाया था? हालांकि, 1985 के बाद पार्टी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ की ओर पूरी तरह मुड़ गई।
बूथ स्तर का प्रबंधन: भाजपा का ‘पन्ना प्रमुख’ मॉडल आज दुनिया भर के राजनीतिक विश्लेषकों के लिए अध्ययन का विषय है। एक-एक मतदाता तक पहुंचने की यह तकनीक पार्टी की चुनावी सफलता का सबसे बड़ा राज है।
भाजपा आज अपने स्थापना दिवस पर न केवल अपनी पिछली उपलब्धियों का जश्न मना रही है, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर भी अग्रसर है। अंत्योदय के मंत्र के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना और भारत को विश्व गुरु बनाना ही पार्टी का अंतिम ध्येय है।
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