BMC Election 2026
BMC Election 2026: महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों से ठीक पहले राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता के. अन्नामलाई ने सोमवार को चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को खुली चुनौती दी। अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि उन्हें मुंबई न आने की धमकियां दी जा रही हैं और कुछ लोग उनके पैर काटने की बात कर रहे हैं। उन्होंने गरजते हुए कहा, “मैं मुंबई जाऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर काटकर दिखाओ। मैं एक किसान का बेटा हूं, अगर ऐसी धमकियों से डरता तो राजनीति में नहीं आता।”
इस पूरे विवाद की शुरुआत राज ठाकरे के एक विवादित बयान से हुई। मुंबई और महाराष्ट्र के मुद्दों पर अन्नामलाई के हस्तक्षेप से नाराज राज ठाकरे ने एक रैली के दौरान उन्हें मजाक में ‘रसमलाई’ कह दिया था। राज ठाकरे ने अन्नामलाई के मुंबई को ‘इंटरनेशनल सिटी’ बताने वाले बयान पर निशाना साधते हुए अपने चाचा बाल ठाकरे के 1960 के दशक के पुराने नारे “हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी” का जिक्र किया। ठाकरे का तर्क था कि तमिलनाडु के नेता का महाराष्ट्र की राजनीति और मुंबई के आंतरिक मामलों से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए।
राज ठाकरे ने केवल दक्षिण भारतीय नेताओं को ही नहीं, बल्कि उत्तर भारतीयों को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भाषा और अस्मिता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। ठाकरे ने चेतावनी दी, “अगर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोग महाराष्ट्र पर हिंदी थोपने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें लात मारकर भगा दिया जाएगा। हिंदी आपकी भाषा हो सकती है, लेकिन यह हम पर थोपी नहीं जा सकती।” उन्होंने मराठी मानुष से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि बाहर से आने वाले लोग महाराष्ट्र के हक और संसाधनों को छीन रहे हैं।
नगर निगम चुनावों की पृष्ठभूमि में एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। लंबे समय तक अलग रहने के बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे मुंबई के मुद्दे पर एक सुर में नजर आए। उन्होंने बीजेपी पर ‘नकली हिंदुत्व’ का आरोप लगाया। उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने और राज ने मराठी मानुष और महाराष्ट्र के व्यापक हित में अपने पुराने मतभेद भुला दिए हैं। राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव को ‘मराठी अस्मिता की आखिरी लड़ाई’ करार देते हुए कहा कि मुंबई इस वक्त खतरे में है और यदि मराठी लोग अब एकजुट नहीं हुए, तो वे अपना अस्तित्व खो देंगे।
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए यह सप्ताह निर्णायक होने वाला है। राज्य चुनाव आयोग ने मुंबई (बीएमसी), पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ सहित राज्य के कुल 29 नगर निगमों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है। इन सभी सीटों पर 15 जनवरी 2026 को मतदान होगा, जबकि 16 जनवरी को परिणामों की घोषणा की जाएगी। इसी चुनावी दंगल में खुद को साबित करने के लिए सभी दल भाषाई और क्षेत्रीय अस्मिता के कार्ड खेल रहे हैं।
अन्नामलाई और राज ठाकरे के बीच का यह विवाद केवल दो नेताओं की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह ‘क्षेत्रीय पहचान’ बनाम ‘राष्ट्रीय दृष्टिकोण’ का संघर्ष है। जहां बीजेपी मुंबई को एक वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में पेश कर रही है, वहीं मनसे और शिवसेना (यूबीटी) इसे मराठी संस्कृति के केंद्र के रूप में सुरक्षित रखना चाहते हैं। अब जनता को तय करना है कि वे विकास के किस मॉडल और किस विचारधारा के साथ जाना चाहते हैं।
Read more : T20 World Cup 2026: सुरक्षा पर बांग्लादेश का दावा निकला झूठा, ICC ने लगाई फटकार
Kushinagar ISIS Arrest : देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर…
RR vs GT highlights : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले…
Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल में सत्ता के महासंग्राम के लिए राजनीतिक बिसात बिछ…
Jaggi Murder Case : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में एक नया कानूनी…
Kerala Election 2026 : केरलम विधानसभा चुनाव 2026 के रण में उतरे उम्मीदवारों के प्रोफाइल…
Chhattisgarh RTE crisis : छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के…
This website uses cookies.