BMC Mayor Election 2026
BMC Mayor Election 2026: मुंबई महानगर पालिका (BMC), जिसे देश की सबसे अमीर नगर निकाय माना जाता है, वहां मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे इन प्रतिष्ठित पदों के लिए मतदान होना तय हुआ है। हालांकि, वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखें तो सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन के पास पार्षदों का स्पष्ट बहुमत दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के आधार पर महायुति का पलड़ा भारी है और उनके उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। इसके बावजूद, मुंबई की राजनीति में अपनी पकड़ फिर से मजबूत करने की कोशिश में जुटी शिवसेना (UBT) इस चुनाव को निर्विरोध नहीं होने देना चाहती।
संख्याबल की कमी होने के बावजूद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) मेयर चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस महत्वपूर्ण निर्णय को अंतिम रूप देने के लिए आज दोपहर मुंबई स्थित उद्धव ठाकरे के निवास ‘मातोश्री’ में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में उद्धव ठाकरे खुद पार्टी के मुंबई क्षेत्र के विधायकों और प्रमुख पूर्व पार्षदों के साथ चर्चा करेंगे। रणनीतिकारों का मानना है कि भले ही जीत की संभावना कम हो, लेकिन चुनाव लड़कर शिवसेना (UBT) यह संदेश देना चाहती है कि वह मुंबई के मैदान में महायुति को वाकओवर देने के मूड में नहीं है।
बीएमसी के भीतर इस समय महायुति (भाजपा, शिवसेना-एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस-अजित पवार) के पास पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। पिछले कुछ वर्षों में पार्षदों के दलबदल और गठबंधन के नए स्वरूप के कारण बहुमत का आंकड़ा महायुति के पक्ष में झुक गया है। यदि विपक्षी खेमे से कोई उम्मीदवार खड़ा होता है, तो मुकाबला रोचक हो सकता है, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जादुई आंकड़ा फिलहाल सरकार के साथ है। महायुति के नेताओं का दावा है कि मुंबई के विकास के लिए उनका मेयर और उप महापौर चुना जाना शहर के हित में होगा।
मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव की प्रक्रिया काफी तेज गति से आगे बढ़ रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इच्छुक उम्मीदवारों को 7 फरवरी तक अपना नामांकन पत्र दाखिल करना होगा। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्क्रूटनी की जाएगी और फिर 11 फरवरी को मतदान होगा। 11 तारीख की दोपहर 12 बजे जैसे ही चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी, पूरे महाराष्ट्र की नजरें बीएमसी मुख्यालय पर टिकी होंगी। यह चुनाव केवल एक पद का नहीं, बल्कि मुंबई पर वर्चस्व की लड़ाई का भी प्रतीक है।
उद्धव ठाकरे की इस बैठक में यह भी चर्चा होने की उम्मीद है कि क्या महाविकास अघाड़ी (MVA) के अन्य घटक दल जैसे कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी इस चुनाव में शिवसेना (UBT) का साथ देंगे। यदि पूरा विपक्ष एक सुर में वोट करता है, तो महायुति के लिए चुनौती थोड़ी कठिन हो सकती है। हालांकि, असली सवाल यह है कि क्या मातोश्री में होने वाली बैठक में किसी दिग्गज चेहरे पर दांव लगाने का फैसला लिया जाएगा या यह केवल एक प्रतीकात्मक विरोध तक सीमित रहेगा।
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