Ambikapur News : आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्यरत ब्रह्माकुमारीज संस्थान अब एक नया इतिहास रचने जा रहा है। पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 18वीं पुण्यतिथि एवं विश्व बंधुत्व दिवस (25 अगस्त) के उपलक्ष्य में संस्थान द्वारा भारत और नेपाल में रक्तदान महाअभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की गई है। इस अभियान की शुरुआत 17 अगस्त को नई दिल्ली से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने की थी।

इसी क्रम में ब्रह्माकुमारीज अंबिकापुर सेवा केंद्र के नव विश्व भवन, चोपड़ापारा में रविवार 24 अगस्त को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का शुभारंभ रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष आदित्यतेश्वर शरण सिंह देव, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. अविनाश मेश्राम, लायंस क्लब अध्यक्ष डॉ. यशवर्धन सिंह, समाज कल्याण विभाग उपसंचालक विमलेश उईके सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और महाविद्यालयों के प्राचार्य करेंगे।

ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की संचालिका विद्या बहन ने बताया कि अंबिकापुर शिविर में 200 यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बड़ी संख्या में नगर एवं जिले के लोगों ने पंजीयन कराया है। रक्तदाताओं को राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन की ओर से प्रमाणपत्र एवं ईश्वरीय सौगात दी जाएगी। “रक्तदान महादान है, जीवनदान है। इस महापुण्य कार्य में अधिक से अधिक लोग शामिल हों,” इसके लिए विद्या बहन ने नगरवासियों से अपील की है।
एक लाख यूनिट रक्तदान का लक्ष्य
इस महाअभियान के तहत पूरे देश और नेपाल के 6000 सेवा केंद्रों में रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। एक लाख यूनिट रक्तदान के साथ यह अभियान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा। यह पहला अवसर है जब किसी आध्यात्मिक संस्था द्वारा इतने बड़े स्तर पर रक्तदान का आयोजन किया जा रहा है।
रक्तदान के लाभ
चिकित्सकों का मानना है कि नियमित रक्तदान से शरीर में नए रक्त निर्माण की प्रक्रिया तेज होती है, आयरन लेवल संतुलित रहता है और हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। एक यूनिट रक्त से तीन से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्तदान से पहले होने वाली निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से कई बीमारियों की समय रहते पहचान हो जाती है। सबसे बढ़कर, रक्तदान से मानसिक सुख, आत्मसंतोष और पुण्य की प्राप्ति होती है।










