छत्तीसगढ़

Bribery Case: एसीबी दबिश से खुला भ्रष्टाचार का राज, सब इंजीनियर गिरफ्तार

Bribery Case: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक मुख्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सोमवार दोपहर को एक बड़ी कार्रवाई की। एसीबी टीम ने सब इंजीनियर प्रदीप बघेल को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बघेल के सरकारी आवास, जो कि आरईएस कॉलोनी में स्थित है, पर की गई। मौके से टीम ने नगद राशि, मोबाइल फोन और कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए। इस कार्रवाई की खबर फैलते ही सरकारी दफ्तरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

Bribery Case: रिश्वत मांगने का आरोप

जानकारी के अनुसार, सब इंजीनियर प्रदीप बघेल चिऊरवाड़ा पंचायत में हो रहे पुलिया निर्माण कार्य के मूल्यांकन के बदले ठेकेदार से रिश्वत मांग रहा था। कई दिनों से वह ठेकेदार से 5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था। इस दबाव से परेशान होकर पंचायत सचिव मनीराम बघेल ने एसीबी के जगदलपुर कार्यालय में शिकायत दी। मनीराम बघेल ने सब इंजीनियर के खिलाफ शिकायत करते हुए कहा कि बघेल ने निर्माण कार्य के बदले पैसा देने की मांग की थी, जिसे अब वह स्वीकार नहीं कर पा रहे थे।

Bribery Case: एसीबी टीम ने रची सटीक योजना

शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने आरोप की पुष्टि होने पर कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता को 30 हजार रुपये नकद प्रदीप बघेल को उनके सरकारी आवास पर देने के लिए कहा। जैसे ही सब इंजीनियर ने पैसे स्वीकार किए, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। नोटों पर लगे केमिकल और आरोपी के हाथों के निशान की जांच भी की गई। पूरी कार्रवाई का वीडियोग्राफी साक्ष्य भी तैयार किया गया।

क्वार्टर से दस्तावेजों की जब्ती

गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने सब इंजीनियर के सरकारी आवास की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, जिनमें भुगतान संबंधित फाइलें शामिल थीं, जब्त की गईं। अधिकारियों के मुताबिक, इन दस्तावेजों की जांच अब एसीबी कार्यालय में की जाएगी, जिससे और भी अनियमितताओं के संकेत मिल सकते हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रदीप बघेल के खिलाफ पहले भी ऐसी शिकायतें उठ चुकी थीं, लेकिन यह पहली बार था जब इस मामले में कार्रवाई की गई है।

अन्य संदिग्ध मामले भी हो सकते हैं

स्थानीय लोगों ने बताया कि सब इंजीनियर बघेल के खिलाफ पुलिया निर्माण कार्य के अलावा भी अन्य भुगतान मामलों में अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में एसीबी अधिकारियों का कहना है कि सब इंजीनियर के खिलाफ अन्य मामलों की भी जांच की जाएगी। इस मामले में एसीबी के डीएसपी रमेश मरकाम ने पुष्टि की कि चिऊरवाड़ा पंचायत के सचिव मनीराम बघेल की शिकायत के सत्यापन के बाद आरोप सही पाए गए थे, और सब इंजीनियर को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। अब उसे विशेष न्यायालय दंतेवाड़ा में पेश किया जाएगा।

अगला कदम: विशेष न्यायालय में पेशी

अब एसीबी टीम ने कार्रवाई के बाद सब इंजीनियर प्रदीप बघेल को गिरफ्तार कर लिया है, और उन्हें विशेष न्यायालय दंतेवाड़ा में पेश किया जाएगा। एसीबी की इस कार्रवाई को लेकर लोगों में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Thetarget365

Recent Posts

RCB New Owner: कौन हैं आर्यमान बिड़ला? जिन्हें बनाया गया है दुनिया की सबसे महंगी टीम का बॉस

RCB New Owner: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के आगाज़ से पहले क्रिकेट जगत से…

40 minutes ago

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बड़ी साजिश नाकाम, दक्षिण 24 परगना में 84 देसी बम बरामद

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के साथ…

43 minutes ago

US-Iran Diplomacy: ईरान की दोटूक, कुश्नर-विटकॉफ मंजूर नहीं, जेडी वेंस से सीधी बातचीत की शर्त, क्या टलेगा महायुद्ध?

US-Iran Diplomacy: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अब कूटनीतिक मोर्चे…

53 minutes ago

This website uses cookies.