Pushkar Anti-Israel Posters: राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पुष्कर में पर्यटन वीजा पर आए दो ब्रिटिश नागरिकों को भारत सरकार ने तत्काल देश छोड़ने का कड़ा निर्देश दिया है। राजस्थान पुलिस और खुफिया विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत में विदेशी नागरिकों द्वारा किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि या सार्वजनिक व्यवस्था में हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इन पर्यटकों ने पुष्कर जैसे संवेदनशील और पवित्र स्थान पर इजरायल विरोधी और फिलिस्तीन के समर्थन में पोस्टर लगाकर न केवल स्थानीय शांति को प्रभावित करने की कोशिश की, बल्कि अपने वीजा की शर्तों का भी घोर उल्लंघन किया है।

पुष्कर की गलियों में ‘बॉयकॉट इजरायल’ के स्टिकर: पुलिस की कार्रवाई
यह मामला 21 जनवरी को तब प्रकाश में आया जब स्थानीय निवासियों और पुलिस ने पुष्कर के कई सार्वजनिक स्थानों, दीवारों और बिजली के खंभों पर ‘फ्री फिलिस्तीन, बॉयकॉट इजरायल’ लिखे हुए भड़काऊ स्टिकर देखे। पुष्कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायली पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा केंद्र माना जाता है, ऐसे में इन स्टिकरों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे राजस्थान पुलिस की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दिया गया। सीआईडी ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर दो ब्रिटिश नागरिकों की पहचान की, जो इन गतिविधियों में सक्रिय रूप से लिप्त पाए गए।
जांच और निर्वासन: लुईस गैब्रियल और एनुशी एम्मा को नोटिस
सीआईडी की गहन जांच में सामने आया कि 36 वर्षीय लुईस गैब्रियल डी और 36 वर्षीया एनुशी एम्मा क्रिस्टीन भारत में पर्यटन (टूरिस्ट) वीजा पर भ्रमण के लिए आए थे। भारतीय वीजा नियमों के तहत, पर्यटन वीजा पर आए किसी भी विदेशी नागरिक को सार्वजनिक सभा करने, राजनीतिक प्रचार-प्रसार करने या किसी भी विवादास्पद मुद्दे पर अभियान चलाने की मनाही होती है। इन दोनों ब्रिटिश नागरिकों ने सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक संदेश फैलाकर कानून का उल्लंघन किया। इसी आधार पर सीआईडी ने दोनों को निर्धारित समय के भीतर भारत छोड़ने का ‘लीव इंडिया’ नोटिस जारी कर दिया है।
इजरायली सोशल मीडिया पर भारत के फैसले की सराहना
भारत सरकार और राजस्थान पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की गूँज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी। विशेष रूप से इजरायल के प्रभावशाली सोशल मीडिया हस्तियों ने भारत के इस कदम का स्वागत किया है। प्रसिद्ध इजरायली एक्टिविस्ट हनन्या नफ्ताली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत ने यह साबित कर दिया है कि वह अपनी धरती पर नफरत फैलाने वालों के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाता है। वहीं, माइकल डिक्सन जैसे अन्य प्रमुख यूजर्स ने भी पर्यटकों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि पर्यटन के बहाने एजेंडा चलाने वालों के खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
सामाजिक सौहार्द और कानून का सम्मान आवश्यक
राजस्थान पुलिस और गृह विभाग ने इस घटना के माध्यम से सभी विदेशी पर्यटकों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भारत एक स्वागत करने वाला देश है, लेकिन यहाँ आने वाले हर विदेशी नागरिक से यह अपेक्षा की जाती है कि वह देश के कानून, सामाजिक सौहार्द और अपनी वीजा शर्तों का पूर्ण सम्मान करे। धार्मिक स्थलों पर इस तरह के राजनीतिक पोस्टर लगाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह दो समुदायों के बीच तनाव भी पैदा कर सकता है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल पाए जाने वाले विदेशियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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