CAF jawan shooting
CAF jawan shooting: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के घाघरा गाँव स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) की बटालियन कैंप में एक जवान ने अपने ही साथी जवान की हत्या कर दी। घटना रविवार देर रात की है, जब कैंप के भीतर सभी जवान अपनी ड्यूटी के बाद गहरी नींद में सो रहे थे। आरोपी जवान ने पुरानी रंजिश के चलते अपनी सर्विस राइफल निीकाली और सीधे सोते हुए साथी पर फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे कैंप में हड़कंप मच गया और जवान अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस जानलेवा हमले में मारे गए जवान की पहचान सोनवीर जाट के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के निवासी थे। वहीं, इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी जवान का नाम अरविंद गौतम बताया गया है। वारदात के तुरंत बाद अन्य जवानों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी अरविंद को काबू में कर लिया। गातापार थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी सर्विस राइफल जब्त कर ली है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आपसी विवाद और पुरानी रंजिश का मामला मान रही है, हालांकि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
यह हमला इतना सटीक और घातक था कि सोनवीर को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि आरोपी ने बेहद करीब से गोली चलाई थी। गोली सोनवीर के हाथ को चीरते हुए उनके गाल (चेहरे) में जा धंसी। गंभीर रूप से लहूलुहान जवान को सोमवार तड़के आनन-फानन में जिला मुख्यालय के सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल शहीद जवान के पार्थिव शरीर को अस्पताल की मॉर्चुरी में रखा गया है और उत्तर प्रदेश में उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
वारदात के बाद गातापार थाना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कैंप में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि कैंप के भीतर दोनों जवानों के बीच ऐसा क्या विवाद था, जिसने इतना हिंसक रूप ले लिया। क्या यह विवाद काफी समय से चल रहा था या रविवार रात खाने के दौरान कोई नई बात हुई थी? फिलहाल पुलिस आधिकारिक बयान जारी करने से पहले पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और साथी जवानों के बयानों का इंतजार कर रही है। बटालियन के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
अभी चार दिन पहले ही नारायणपुर जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वह जवान भी उत्तर प्रदेश का ही रहने वाला था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने सुरक्षा बलों के भीतर बढ़ते मानसिक तनाव और आपसी तालमेल की कमी पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। खैरागढ़ की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कैंपों के भीतर अनुशासन के साथ-साथ जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके आपसी संबंधों की निगरानी करना कितना आवश्यक हो गया है।
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