Jahangir Khan Interim Protection
Jahangir Khan Interim Protection : कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता जहांगीर खान को कानूनी मोर्चे पर एक बहुत बड़ा झटका दिया है। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान टीएमसी नेता को मिली अंतरिम सुरक्षा की अवधि को आगे बढ़ाने से पूरी तरह इनकार कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले के फलता पुलिस थाने में जहांगीर खान के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत कुल सात प्राथमिकियां (FIR) दर्ज हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट कहा कि केवल राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में आए बदलावों और याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को आधार बनाकर उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करना किसी भी नजरिए से अनुचित और कानून सम्मत नहीं होगा। अदालत ने इसके साथ ही पुलिस की कठोर कार्रवाई से बचने की टीएमसी नेता की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
हाई कोर्ट की एकल पीठ ने इससे पहले 18 मई को हुई सुनवाई के दौरान जहांगीर खान को कुछ दिनों की सीमित अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। अदालत में जहांगीर खान की नई याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने दलील दी कि यह विशेष सुरक्षा खान को केवल 21 मई को फलता विधानसभा क्षेत्र में हुए पुनर्मतदान (Re-polling) की प्रक्रिया में शांतिपूर्ण ढंग से भाग लेने के लिए दी गई थी, जिसके चुनावी परिणाम भी 24 मई को घोषित किए जा चुके हैं।
कोर्ट ने पूर्व में आदेश दिया था कि फलता क्षेत्र में मतदान संपन्न होने तक खान के खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामलों के सिलसिले में पुलिस 26 मई तक कोई भी दंडात्मक या दमनकारी कदम नहीं उठाएगी। अब इस तय समयसीमा और राहत की अवधि समाप्त होने के बाद टीएमसी नेता जहांगीर खान पर पुलिस द्वारा कभी भी गिरफ्तारी का शिकंजा कसने की तलवार लटक गई है।
इस पूरे विवाद और कानूनी लड़ाई की शुरुआत दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में बीते 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान हुई थी। वोटिंग के दिन इस इलाके में बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं, बूथ कैप्चरिंग और भारी धांधली के गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसके बाद चुनाव आयोग को वहां का मतदान रद्द घोषित करना पड़ा था। इस दौरान टीएमसी नेता जहांगीर खान पर विपक्षी दलों के मतदाताओं को डराने-धमकाने और मतदान प्रभावित करने के सीधे आरोप लगे थे।
पुलिसिया कार्रवाई और आसन्न गिरफ्तारी की गहरी आशंका को देखते हुए ही टीएमसी नेता ने राहत पाने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद अदालत ने स्थिति को देखते हुए उन्हें 26 मई तक की अस्थायी राहत दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि महज पांच से 15 मई के बीच ही फलता थाने में खान के खिलाफ पांच नए आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
Read More: Rupee vs Dollar Fall : क्रूड ऑयल की आग में झुलसा रुपया, जानिए डॉलर के सामने क्यों छूटे पसीने?
Kashmir Ladakh Integral Part : भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन और पाकिस्तान के हालिया संयुक्त…
Pendra Murder Case : छत्तीसगढ़ के पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले में कोटमी साप्ताहिक बाजार में मंगलवार शाम…
Sai Cabinet Meeting 2026 : छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट…
Karnataka Next CM : कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव होने की संभावना जताई जा…
West Asia Crisis : पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य तनाव और युद्ध के बाद…
West Bengal Political Reshuffle : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करने…
This website uses cookies.