US Election Fraud : अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में चुनावी धोखाधड़ी के आरोप में 28 ग्रीन कार्डधारकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें दो भारतीय नागरिक अमनदीप कौर और कमलेश शाह भी शामिल हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने सोमवार को जारी बयान में इसकी जानकारी दी। भारतीय समाचार माध्यम एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों पर कथित तौर पर धोखाधड़ी से मतदाता पंजीकरण कराने और नवंबर 2024 के अमेरिकी चुनाव में मतदान करने के आरोप हैं।
अमनदीप कौर और कमलेश शाह पर क्या हैं आरोप?
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, 30 वर्षीय अमनदीप कौर और 67 वर्षीय कमलेश शाह पर चुनावी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि दोनों ने अमेरिकी नागरिक नहीं होने के बावजूद कथित रूप से मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया और चुनाव में वोट डाला। हालांकि, इन आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है। इसलिए आरोपों को अभी सिद्ध अपराध नहीं माना जा सकता।
ऑपरेशन प्रोटेक्ट द वोट के तहत 11 गिरफ्तार
न्याय विभाग के अनुसार, इस मामले में नामजद 28 लोगों में से 11 को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने कैलिफोर्निया के अलग-अलग इलाकों में सुबह अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस अभियान का नाम ‘ऑपरेशन प्रोटेक्ट द वोट’ रखा गया है। इसका उद्देश्य कथित चुनावी धोखाधड़ी की जांच करना, ऐसे मामलों पर रोक लगाना और अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता बनाए रखना बताया गया है। हालांकि, दोनों भारतीय नागरिक गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में शामिल हैं या नहीं, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हुई।
कमलेश शाह पर चुनाव के दिन पंजीकरण का आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के बयान के मुताबिक, कमलेश शाह कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो शहर के निवासी हैं। आरोप है कि उन्होंने नवंबर 2024 में हुए आम चुनाव के दिन धोखाधड़ी से मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया और उसी दिन मतदान भी किया। जांच एजेंसियों का दावा है कि उनका यह कदम अमेरिकी चुनाव कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। मामले में आरोपों की सत्यता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
अमनदीप कौर अमेरिकी नागरिकता पाने की कर रही हैं कोशिश
दूसरी आरोपी अमनदीप कौर कैलिफोर्निया के रैंचो पालोस वर्डेस इलाके में रहती हैं। न्याय विभाग के अनुसार, वह अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में हैं। उन पर दिसंबर 2022 में कथित रूप से धोखाधड़ी के जरिए मतदाता पंजीकरण कराने और नवंबर 2024 के चुनाव में मतदान करने का आरोप लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नागरिकता प्राप्त करने की उनकी कोशिश के बीच यह मामला सामने आया है। हालांकि, आरोपों पर उनका पक्ष और अदालत का अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
ग्रीन कार्डधारक अमेरिकी चुनाव में वोट क्यों नहीं दे सकते?
ग्रीन कार्ड अमेरिका में वैध स्थायी निवास की अनुमति देता है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति को अमेरिकी नागरिकता नहीं मिल जाती। सामान्य संघीय चुनावों में मतदान करने के लिए अमेरिकी नागरिक होना जरूरी है। न्याय विभाग का कहना है कि इस मामले में आरोपों का सामना कर रहे सभी 28 लोग विदेशी नागरिक हैं और उनके पास वैध स्थायी निवास की अनुमति है। इसी आधार पर उनके खिलाफ चुनावी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
दोषी साबित होने पर पांच साल तक की सजा संभव
न्याय विभाग के मुताबिक, आरोपियों पर नागरिकता के आवेदन में कथित तौर पर गलत जानकारी देने और कुछ मामलों में धोखाधड़ी से मतदाता पंजीकरण कराने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन अपराधों में दोषी ठहराए जाने पर अधिकतम पांच साल तक संघीय जेल की सजा हो सकती है। वास्तविक सजा अपराध की प्रकृति, लागू कानूनों और अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।
20 हजार से अधिक संदिग्ध पंजीकरणों की सूची का दावा
अमेरिकी न्याय विभाग के कार्यवाहक डिप्टी अटॉर्नी जनरल ट्रेंट मैककटर ने लॉस एंजिल्स में पत्रकारों से कहा कि आरोपियों के नाम 20 हजार से अधिक ऐसे लोगों की सूची में शामिल हैं, जिनके मतदाता पंजीकरण को लेकर गैर-अमेरिकी नागरिक होने की आशंका जताई गई है। उनके मुताबिक, पिछले सप्ताह यह सूची कैलिफोर्निया के चुनाव अधिकारियों को दी गई थी। हालांकि, सूची में नाम होने का अर्थ अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित होना नहीं है।
अमेरिका में चुनावी अनियमितताओं पर जांच तेज
न्याय विभाग के अनुसार, इस साल सोमवार से पहले तक विभिन्न प्रकार की कथित चुनावी अनियमितताओं के मामलों में लगभग 90 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा चुके थे। इनमें करीब 50 लोगों पर अमेरिकी नागरिक नहीं होने के बावजूद मतदान करने के आरोप हैं। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अमेरिका में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 22.7 करोड़ से अधिक थी। ऐसे मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष चुनावी नियमों के पालन को लेकर अहम माने जा रहे हैं।
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