Amarinder Singh Hospitalized: पंजाब की राजनीति के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि कैप्टन पिछले कुछ समय से चलने-फिरने में कठिनाई महसूस कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें चिकित्सकीय परामर्श के बाद अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की सलाह पर अब उनके घुटनों का ऑपरेशन किया जाएगा। हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने के बाद प्रशंसकों और समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई थी, लेकिन कैप्टन ने स्वयं स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और यह केवल एक सामान्य शल्य चिकित्सा (सर्जरी) है।

दिसंबर में भाजपा की कार्यशैली पर उठाए थे गंभीर सवाल
कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले साल दिसंबर के महीने में उस वक्त सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कार्यप्रणाली की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। उनके बयानों ने पंजाब और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी। कैप्टन ने कहा था कि भाजपा का रवैया काफी सख्त है, जबकि इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी अधिक लचीली नजर आती है। उन्होंने तर्क दिया था कि कांग्रेस में निर्णय लेने की प्रक्रिया में सलाह-मशविरे को महत्व दिया जाता है, जबकि भाजपा में जमीनी स्तर के नेताओं की राय को शायद उतनी जगह नहीं मिल पाती।
बीजेपी बनाम कांग्रेस: क्या घर वापसी की है कोई संभावना?
जब अमरिंदर सिंह ने भाजपा की आलोचना की, तो राजनीतिक विशेषज्ञों ने कयास लगाने शुरू कर दिए थे कि क्या वे एक बार फिर कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इनकार कर दिया। कैप्टन ने कहा कि जिस तरह से उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया गया था, वह उनके स्वाभिमान को गहरी चोट थी और वे उस अपमान को अभी भी भूले नहीं हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि कांग्रेस में शामिल होने का सवाल ही पैदा नहीं होता, भले ही वे भाजपा की कुछ नीतियों से असहमत हों।
दिल्ली केंद्रित निर्णय और 60 साल के राजनीतिक अनुभव का दर्द
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा की आंतरिक संरचना पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि पार्टी के सभी महत्वपूर्ण फैसले दिल्ली से लिए जाते हैं। उन्होंने इस बात पर निराशा व्यक्त की थी कि उनके जैसे नेता, जिनके पास 60 वर्षों का विशाल राजनीतिक अनुभव है, उनसे भी पंजाब से जुड़े मामलों में मशविरा नहीं लिया जाता। हालांकि, इस आलोचना के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी निष्ठा और सम्मान को कम नहीं होने दिया। उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मन में पंजाब के लिए विशेष स्नेह है और वे राज्य के विकास के लिए कुछ भी करने को तत्पर रहते हैं।
अकाली दल के साथ गठबंधन और पंजाब में भाजपा का भविष्य
पंजाब में भाजपा को मजबूत करने के सवाल पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण सलाह दी थी। उनका मानना है कि यदि भारतीय जनता पार्टी को पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करनी है और सत्ता के करीब पहुंचना है, तो उसे अपने पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ दोबारा हाथ मिलाना चाहिए। उनके अनुसार, पंजाब की क्षेत्रीय राजनीति की समझ रखने वाले दलों का साथ भाजपा के लिए अनिवार्य है। फिलहाल, अस्पताल में उपचाराधीन कैप्टन की सेहत पर सभी की नजरें टिकी हैं, वहीं उनके ये राजनीतिक सुझाव भविष्य की रणनीतियों की ओर इशारा कर रहे हैं।


















