Persian Gulf Attack
Persian Gulf Attack: फारस की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार को कतर के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियार से हमला किया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ब्रिटेन की समुद्री व्यापार संचालन एजेंसी (UKMTO) ने इस हमले की पुष्टि की है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और समुद्री व्यापारिक मार्ग असुरक्षित होते जा रहे हैं।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के अनुसार, यह हमला कतर की राजधानी दोहा से लगभग 43 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुआ। मालवाहक जहाज जब फारस की खाड़ी के महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर रहा था, तभी उसे किसी अज्ञात ‘प्रोजेक्टाइल’ या हथियार से निशाना बनाया गया। हमले के तुरंत बाद जहाज के एक हिस्से में आग लग गई। हालांकि, क्रू मेंबर्स की मुस्तैदी से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी भी नाविक के घायल होने की खबर नहीं है और जहाज को भी बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।
भले ही अमेरिका और ईरान के बीच आधिकारिक तौर पर युद्धविराम की बातें कही जा रही हों, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। पिछले एक हफ्ते में फारस की खाड़ी में कई जहाजों को निशाना बनाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ताजा हमला हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान के दो तेल टैंकरों पर की गई कार्रवाई का जवाब हो सकता है। अमेरिका ने उन टैंकरों पर यह आरोप लगाते हुए हमला किया था कि वे अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे थे। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सख्त चेतावनी दी थी कि वे अपने जहाजों पर होने वाले किसी भी प्रहार का बदला अमेरिकी सैन्य ठिकानों से लेंगे।
फारस की खाड़ी में जहाजों पर होने वाले हमलों का असर भारतीय नाविकों पर भी पड़ रहा है। इसी महीने 8 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट के पास एक भारतीय लकड़ी के जहाज में आग लग गई थी। उस जहाज पर 18 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। इस दर्दनाक हादसे में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे। हालांकि उस घटना के पीछे के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता ने भारतीय समुद्री व्यापार को भी चिंता में डाल दिया है।
खाड़ी क्षेत्र में केवल खाड़ी देश या अमेरिका से जुड़े जहाज ही निशाने पर नहीं हैं, बल्कि अन्य देशों के जहाजों पर भी हमले हो रहे हैं। कुछ दिन पहले ‘JV इनोवेशनल’ नामक एक चीनी तेल टैंकर पर भी हमला हुआ था। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले इस जहाज पर आग लग गई थी। जहाज के चीफ इंजीनियर ने बताया था कि हमले के समय चालक दल के 22 सदस्य मौजूद थे, जिनमें चीन, म्यांमार और इंडोनेशिया के नागरिक शामिल थे। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।
फारस की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। जहाजों पर लगातार हो रहे इन हमलों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने इस रूट से गुजरने वाले सभी जहाजों को अत्यधिक सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी देने की सलाह दी है। यदि यह तनाव जल्द ही कम नहीं हुआ, तो आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में उछाल और व्यापारिक घाटा देखने को मिल सकता है।
Read More : NEET UG 2026: पेपर लीक की खबरों पर NTA की सफाई, छात्रों से की धैर्य रखने की अपील
Sabarimala Case: उच्चतम न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं…
Arvind Kejriwal News: दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने एक कड़ा रुख अपनाते…
SC on EC Appointment: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार, 14 मई 2026 को मुख्य…
BCI Action: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील की पोशाक में कलकत्ता…
MI New Captain: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के सीजन में मुंबई इंडियंस (MI) की…
NEET UG 2026 Leak: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय…
This website uses cookies.