CG Sharab Price: छत्तीसगढ़ में शराब पीने वालों के लिए आने वाले दिनों में राहत की खबर सामने आ सकती है। 10 अक्टूबर के बाद प्रीमियम और विदेशी शराब की कुछ कीमतों में बदलाव होने की संभावना है। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट के तहत ब्रिटेन से आयात होने वाली शराब पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है। इसका असर विदेशी शराब की कीमतों पर पड़ सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ प्रीमियम स्कॉच ब्रांड की कीमतों में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक कमी संभव है।
कस्टम ड्यूटी घटने से कैसे सस्ती होगी शराब?
विदेश से भारत आने वाली शराब पर सरकार कस्टम ड्यूटी लगाती है। पहले ब्रिटेन से आयात होने वाली शराब पर यह शुल्क काफी अधिक था। अब भारत-यूके ट्रेड एग्रीमेंट के तहत इसमें बड़ी कटौती की गई है। कस्टम ड्यूटी को 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत किया गया है। आगे इसे चरणबद्ध तरीके से 40 प्रतिशत तक लाने का प्रस्ताव है। शुल्क कम होने से आयात की लागत घट सकती है, जिसका फायदा कंपनियां और ग्राहकों को मिल सकता है।
छत्तीसगढ़ में अंतिम कीमत राज्य तय करेगा
हालांकि कस्टम ड्यूटी में कमी का मतलब यह नहीं है कि छत्तीसगढ़ में सभी विदेशी शराब सीधे 10 से 15 प्रतिशत सस्ती हो जाएंगी। राज्य में शराब की अंतिम कीमत उसकी एक्साइज पॉलिसी, टैक्स और अन्य शुल्कों के आधार पर तय होती है। इसलिए नई कीमतों का वास्तविक असर राज्य की संशोधित प्राइस लिस्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
हर ब्रांड को नहीं मिलेगा समान फायदा
शराब की कीमत केवल कस्टम ड्यूटी से निर्धारित नहीं होती। इसके अलावा एक्साइज ड्यूटी, विभिन्न टैक्स, कंपनी का मार्जिन, विक्रेता का मार्जिन, परिवहन और दूसरी लागत भी अंतिम कीमत में शामिल रहती है। ऐसे में कस्टम ड्यूटी घटने के बावजूद अलग-अलग ब्रांड और वैरायटी में कीमतों की कमी अलग हो सकती है। कुछ उत्पादों में राहत अधिक होगी, जबकि कुछ में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है।
प्रीमियम स्कॉच ब्रांड पर सबसे ज्यादा नजर
छत्तीसगढ़ में प्रीमियम स्कॉच की संभावित नई कीमतों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोकप्रिय प्रीमियम स्कॉच ब्रांड की कीमतें 10 से 15 प्रतिशत तक कम हो सकती हैं। Johnnie Walker, Black Dog और Ballantine’s जैसे चर्चित ब्रांड की कुछ वैरायटी पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रत्येक बोतल की वास्तविक कीमत ब्रांड और वैरायटी के अनुसार अलग होगी।
दिल्ली में एक्साइज ड्यूटी से बदल सकता है गणित
दिल्ली में विदेशी शराब पर कस्टम ड्यूटी घटने के साथ एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा है। अगर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जाती है तो कस्टम ड्यूटी से मिलने वाली राहत कुछ हद तक खत्म हो सकती है। यानी एक तरफ आयात शुल्क कम होने से शराब सस्ती हो सकती है, जबकि दूसरी तरफ एक्साइज ड्यूटी बढ़ने पर कीमत बढ़ सकती है। इससे ग्राहकों को मिलने वाली वास्तविक राहत नई कीमतों के बाद ही पता चलेगी।
10 अक्टूबर के बाद क्या बदलेगा?
अधिकारियों के मुताबिक, 10 अक्टूबर के बाद विदेशी शराब की नई कीमतों को लेकर प्रक्रिया तेज हो सकती है। कई राज्यों में ब्रिटिश शराब की कीमतों में बदलाव की तैयारी चल रही है। उत्तर प्रदेश में कुछ प्रीमियम लेबल की कीमतों में 5 से 15 प्रतिशत तक कमी की संभावना बताई जा रही है। हालांकि इसका छत्तीसगढ़ पर सीधा असर कितना होगा, यह राज्य की एक्साइज नीति और कंपनियों की नई कीमतों पर निर्भर करेगा।
5 हजार की बोतल पर कितनी बचत संभव?
अगर उदाहरण के तौर पर किसी प्रीमियम स्कॉच की मौजूदा कीमत 5,000 रुपये है और नई कीमत में 10 प्रतिशत की कमी होती है, तो ग्राहक को लगभग 500 रुपये की राहत मिल सकती है। हालांकि यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है। वास्तविक कीमत में कमी इससे कम या ज्यादा हो सकती है।
नई प्राइस लिस्ट का करना होगा इंतजार
कुल मिलाकर भारत-यूके ट्रेड एग्रीमेंट के बाद ब्रिटेन से आने वाली शराब पर कस्टम ड्यूटी घटने से कुछ विदेशी शराब ब्रांडों की कीमतों में कमी की संभावना बनी है। हालांकि छत्तीसगढ़ में ग्राहकों को वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह राज्य की टैक्स व्यवस्था, कंपनियों की कीमत और नई शराब प्राइस लिस्ट जारी होने के बाद ही साफ होगा।
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