CG Private Schools
CG Private Schools: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए मंगलवार को जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कुल 32 निजी स्कूलों की मान्यता को रद्द कर दिया गया है। यह सख्त फैसला उन स्कूलों के खिलाफ लिया गया जो सिर्फ कागज़ों में चल रहे थे और धरातल पर उनका कोई संचालन नहीं हो रहा था। इन स्कूलों में पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों की शिकायत पर प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बच्चे की शिक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और आने वाले दिनों में जिले के अन्य निजी स्कूलों पर निगरानी और सख्त की जाएगी।
जिला कलेक्टर, सूरजपुर ने ऐसे सभी निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिन्हें सरकारी मान्यता तो हासिल थी, लेकिन वे वास्तव में चल नहीं रहे थे। कलेक्टर के इन निर्देशों के बाद, अलग-अलग विकासखंडों में BEO (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) और ABEO (असिस्टेंट ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) की संयुक्त टीमों का गठन किया गया।
इन संयुक्त टीमों ने जिले के निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025-26 सत्र में जिले के 32 निजी स्कूल धरातल पर संचालित ही नहीं पाए गए। जांच टीम ने इन स्कूलों को गंभीर अनियमितता का दोषी मानते हुए इनकी सूची तैयार कर कलेक्टर को सौंपी।
निरीक्षण में स्कूलों के गैर-संचालन को गंभीर शैक्षणिक धोखाधड़ी की श्रेणी में रखते हुए, जिला प्रशासन ने सभी 32 स्कूलों की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया। सभी 32 स्कूलों की मान्यता रद्द किए जाने के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
इस आदेश के तहत, मान्यता रद्द सभी 32 संस्थाओं को नोटिस भेजा गया है, जिसमें उन्हें तत्काल प्रभाव से स्कूल संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कई स्कूलों ने बिना संचालन के ही अपनी मान्यता बनाए रखी थी, जिसके चलते प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
ज़िला प्रशासन के इस कड़े कदम का अभिभावकों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि इस कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और भरोसा स्थापित होगा, जिससे उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा।
संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए ज़िला प्रशासन की चेतावनी को दोहराया। उन्होंने कहा कि, “मानक के बिना स्कूल नहीं चलेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई होगी।” प्रशासन का यह सख्त रुख यह सुनिश्चित करता है कि सूरजपुर जिले में सभी निजी स्कूल निर्धारित मानदंडों का पालन करें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।
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