D.Ed Candidates Protest
D.Ed Candidates Protest: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर अडिग डीएड (D.Ed.) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने बुधवार तड़के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के रायपुर स्थित शासकीय बंगले का घेराव कर दिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने बंगले के बाहर डेरा डाल दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह दूसरी बार है जब प्रदर्शनकारी अपनी आवाज सीधे मंत्री के द्वार तक लेकर पहुंचे हैं।
सहायक शिक्षक भर्ती के शेष पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे ये अभ्यर्थी पिछले एक महीने से रायपुर के तूता धरना स्थल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभ्यर्थियों ने 24 दिसंबर 2025 से आमरण अनशन की शुरुआत की थी, जो अब तक जारी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन मंत्री के निवास का रुख करना पड़ा।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का मुख्य तर्क कानूनी आदेशों पर आधारित है। डीएड अभ्यर्थियों का दावा है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि प्राथमिक स्तर की शिक्षक भर्ती के लिए केवल डीएड/डीएलएड योग्यताधारी ही पात्र हैं और बीएड (B.Ed.) अभ्यर्थियों को प्राथमिक स्तर से बाहर रखा जाए। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को अपने फैसलों में इसी दिशा-निर्देश को दोहराया था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य सरकार अदालती आदेशों की अवहेलना कर रही है और योग्य डीएड उम्मीदवारों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
यह विषय केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 17 दिसंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी प्रमुखता से उठा था। सदन में चर्चा के दौरान जब विपक्षी सदस्यों ने भर्ती में हो रही देरी पर सवाल किए, तो शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि भर्ती प्रक्रिया की कोई निश्चित समय-सीमा फिलहाल नहीं बताई जा सकती। मंत्री के इस बयान ने जलती आग में घी का काम किया, जिससे अभ्यर्थियों में भारी निराशा और आक्रोश फैल गया। उन्हें डर है कि यदि समय रहते नियुक्तियां नहीं हुईं, तो भर्ती प्रक्रिया ठंडे बस्ते में जा सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और इसका किसी दल विशेष से कोई सरोकार नहीं है। उनकी एकमात्र मांग है कि सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के अंतर्गत बचे हुए लगभग 2300 पदों पर तत्काल डीएड योग्यताधारियों की नियुक्ति की जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों से कड़ी मेहनत कर परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक ढुलमुल नीति के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
मंत्री बंगले के बाहर अचानक बढ़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल मौके पर तैनात है और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि जब तक उन्हें नियुक्ति को लेकर कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी उग्र रूप देने के लिए मजबूर होंगे।
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