Breaking

Chaitra Navratri 2026: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मिलेगी अपार शक्ति, जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र और पौराणिक कथा

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का विशेष विधान है। नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। देवी का यह स्वरूप अनंत फल देने वाला और भक्तों को तप, त्याग, वैराग्य तथा संयम की सीख देने वाला माना गया है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन ग्रहों और नक्षत्रों का अद्भुत संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।

Adst

तप और शक्ति का प्रतीक: माँ ब्रह्मचारिणी का स्वरूप

देवी दुर्गा का दूसरा अवतार ‘ब्रह्मचारिणी’ दो शब्दों के मेल से बना है— ‘ब्रह्म’ अर्थात तपस्या और ‘चारिणी’ अर्थात आचरण करने वाली। इस प्रकार माँ के इस नाम का अर्थ है ‘तप का आचरण करने वाली’। माँ ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल सुशोभित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी ने हजारों वर्षों तक कठोर तपस्या की थी, जिसके कारण उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। उनकी उपासना से साधक के भीतर कठिन संघर्षों में भी अडिग रहने की शक्ति जागृत होती है।

2026 का शुभ संयोग: सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग

इस वर्ष नवरात्रि के दूसरे दिन यानी शुक्रवार, 19 मार्च 2026 को विशेष ज्योतिषीय योग बन रहे हैं। इस दिन पूरे समय ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ विद्यमान रहेगा, जिसके साथ ‘अमृत सिद्धि योग’ का भी संगम हो रहा है। यह योग शुक्रवार सुबह 06:25 से शुरू होकर देर रात 02:27 तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में की गई पूजा और मंत्र साधना का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त, शनिवार को विजय मुहूर्त का भी विशेष संयोग बन रहा है, जो नए कार्यों की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम है।

सूर्योदय, पंचांग और तिथियों का सटीक विवरण

19 मार्च 2026 को सूर्योदय सुबह 06:25 पर और सूर्यास्त शाम 06:32 पर होगा। चैत्र शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पूरे दिन व्याप्त रहेगी, जो अगले दिन 21 मार्च की रात 02:30 तक चलेगी। नक्षत्रों की बात करें तो रेवती नक्षत्र देर रात 02:27 तक रहेगा, जिसके पश्चात अश्विनी नक्षत्र का आरंभ होगा। साथ ही ‘ब्रह्म योग’ रात 10:15 तक बना रहेगा। धार्मिक दृष्टि से राहुकाल के समय को त्यागकर शुभ मुहूर्त में की गई पूजा ही सफल मानी जाती है।

ब्रह्मचारिणी पूजा के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 से 05:38 तक।

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:53 तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:18 तक।

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:30 से 06:54 तक।

  • अमृत काल: रात 12:13 से देर रात 01:43 तक।

  • निशिता मुहूर्त: रात 12:04 से 12:52 तक।

विशेष सावधानी: शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:58 से दोपहर 12:29 तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी मांगलिक कार्य या मुख्य पूजा शुरू करने से बचें।

संपूर्ण पूजा विधि: माँ को प्रसन्न करने के सरल उपाय

प्रातः काल स्नानादि के पश्चात स्वच्छ या पीले रंग के वस्त्र धारण करें। माँ की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाएं और संकल्प लें। सर्वप्रथम माँ को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और चीनी) से स्नान कराएं। इसके बाद उन्हें सफेद वस्त्र, चंदन, अक्षत और फूल अर्पित करें। माँ ब्रह्मचारिणी को चमेली का फूल अत्यंत प्रिय है। धूप-दीप दिखाने के बाद माँ के प्रिय भोग (शक्कर या गुड़ की मिठाई) को अर्पित करें और अंत में मंत्र जाप व आरती करें।

शक्तिशाली मंत्र और स्तुति

माँ की कृपा पाने के लिए इस ध्यान मंत्र का जाप करें:

$$या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।$$

साधना के लिए मुख्य मंत्र है: “ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नम:”। इस मंत्र के उच्चारण से मन एकाग्र होता है और स्वाधिष्ठान चक्र जागृत होता है, जिससे साधक को हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है।

पौराणिक कथा: जब देवी ने त्याग दिए थे पत्ते

पूर्व जन्म में माँ ने हिमालय राज की पुत्री के रूप में जन्म लिया था। नारद जी की सलाह पर उन्होंने शिवजी को पाने के लिए घोर तपस्या की। हजारों वर्षों तक उन्होंने केवल फल-फूल खाए, फिर सूखे बेलपत्र खाकर तप जारी रखा। अंततः उन्होंने पत्तों का सेवन भी बंद कर दिया, जिसके कारण उन्हें ‘अपर्णा’ कहा गया। उनकी इस कठिन तपस्या को देखकर देवताओं और ऋषियों ने उनकी सराहना की और ब्रह्मा जी ने उन्हें शिवजी से विवाह का वरदान दिया। यह कथा हमें सिखाती है कि धैर्य और परिश्रम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

आरती और विशेष नियम

पूजा के अंत में माँ की आरती श्रद्धापूर्वक गाएं। आरती करते समय विशेष ध्यान दें कि उसे विषम संख्या (1, 5, 7) वाली बत्तियों से ही करें। शास्त्रानुसार, आरती उतारते समय 4 बार चरणों पर, 2 बार नाभि पर, 1 बार मुख पर और 7 बार पूरे विग्रह पर घुमाना चाहिए। माँ ब्रह्मचारिणी को शर्करा या मिश्री का भोग लगाने से आयु और आरोग्य की वृद्धि होती है।

पूजा सामग्री की चेकलिस्ट

माँ की प्रतिमा, सिंदूर, केसर, कपूर, लाल चुनरी, नारियल, शहद, पंचमेवा, बेलपत्र, कमल गट्टा, जनेऊ, श्रृंगार का सामान (चूड़ी, बिंदी, मेंहदी), चंदन, फूल और कलश के लिए आम के पत्ते।

Read More:  Palam fire incident: पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे अरविंद केजरीवाल, मौके पर AAP और BJP कार्यकर्ताओं में भारी भिड़ंत

Avatar

Thetarget365

Writer & Blogger

All Posts

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • Breaking
  • End Year 2025
  • IPL 2026
  • Take
  • Top News
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • इंटरव्यू
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • नौकरी/ शिक्षा
  • फोटो गैलरी
  • मनोरंजन
  • महाराष्ट्र
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • बलोद
    • बलोदाबाजार-भाटापारा
    • बस्तर
    • बेमेतरा
    • बीजापुर
    • बिलासपुर
    • दंतेवाड़ा
    • रायपुर
    • सुकमा
    • सरगुजा
    • रायगढ़
    • नारायणपुर
    • सूरजपुर
    • बलरामपुर
    • जशपुर
    • कोरिया
    • कोरबा
    • धमतरी
    • कांकेर
    • गरियाबंद
    • दुर्ग
    • खैरागढ़
    • जांजगीर-चांपा
    • बलरामपुर-रामानुजगंज
    • कवर्धा
    • GPM
    • राजनांदगांव
    • महासमुंद
    • जगदलपुर
    • सारंगढ़-बिलाईगढ़
    •   Back
    • ट्रेंड
    • Thetarget365
    • पशु-पक्षी
    • मौसम
    • सोशल मीडिया
    •   Back
    • तेलंगाना
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • उत्तराखंड
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
    • त्रिपुरा
    • असम
    • अरुणाचल प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • आंध्र प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • ओडिशा
    • मणिपुर
    • केरल
    • कर्नाटक
    • तमिलनाडु
    • जम्मू-कश्मीर
    • झारखंड
    • मेघालय
    • मिजोरम
    • नगालैंड
    • सिक्किम
    •   Back
    • सोशल मीडिया

© 2025 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Designed By Best News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.