ChatGPT Privacy
ChatGPT Privacy Tips: ओपनएआई (OpenAI) का चैटजीपीटी आज के समय में दुनिया का सबसे लोकप्रिय एआई चैटबॉट बन चुका है। अपनी उपयोगिता के कारण यह करोड़ों लोगों की पसंद है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली को लेकर प्राइवेसी संबंधी चिंताएं भी बढ़ी हैं। चैटजीपीटी आपकी बातचीत से सीखता है और उसे याद रखता है ताकि वह भविष्य में बेहतर जवाब दे सके। हालांकि, इस प्रक्रिया में वह आपकी कई निजी जानकारियां अपने सर्वर पर सुरक्षित कर लेता है। यदि आप नहीं चाहते कि आपकी निजी बातें या डेटा कंपनी के पास रहे, तो आपको अपनी सेटिंग्स में कुछ बदलाव करने होंगे। यहाँ 5 सरल तरीके दिए गए हैं जिनकी मदद से आप चैटजीपीटी पर अपनी प्राइवेसी बनाए रख सकते हैं।
प्राइवेसी बनाए रखने का सबसे प्राथमिक और प्रभावी तरीका यह है कि आप चैटजीपीटी पर अपना अकाउंट ही न बनाएं। पीसी मैग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब ओपनएआई ने यूजर्स को बिना साइन-अप किए चैटबॉट इस्तेमाल करने की सुविधा दी है। आप सीधे वेबसाइट पर जाकर अपनी क्वेरी पूछ सकते हैं। ऐसा करने से आपकी बातचीत का कोई स्थायी रिकॉर्ड नहीं बचता और कंपनी के पास आपकी पहचान से जुड़ी जानकारियां कम पहुंचती हैं। यदि आपका काम बेसिक सर्चिंग का है, तो यह विकल्प सबसे सुरक्षित है।
यदि आपको एडवांस फीचर्स के लिए अकाउंट बनाना जरूरी लगता है, तो लॉगइन के तरीकों पर ध्यान दें। अक्सर लोग सुविधा के लिए गूगल, ऐपल या माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट के जरिए साइन-अप कर लेते हैं। ऐसा करने से आपका डेटा उन बड़ी कंपनियों के साथ भी शेयर हो जाता है। सुरक्षा के लिहाज से बेहतर यह है कि आप अपनी एक अलग ईमेल आईडी और एक मजबूत पासवर्ड का उपयोग करके मैनुअल अकाउंट बनाएं। इससे आपका चैटजीपीटी अकाउंट आपके अन्य सोशल या प्रोफेशनल अकाउंट्स से लिंक नहीं होगा।
जब आप अकाउंट से लॉगइन होते हैं, तो चैटजीपीटी डिफ़ॉल्ट रूप से आपकी हिस्ट्री सेव करता है। लेकिन अगर आप किसी खास विषय पर संवेदनशील बातचीत करना चाहते हैं, तो ‘टेंपरेरी चैट’ फीचर का इस्तेमाल करें। चैट विंडो के कोने में दिए गए इस बटन को दबाते ही स्क्रीन का मोड बदल जाएगा और मैसेज आएगा कि यह बातचीत याद नहीं रखी जाएगी। इस मोड में की गई बातें न तो आपकी हिस्ट्री में जुड़ती हैं और न ही एआई मॉडल की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
चैटजीपीटी में एक ‘मेमोरी’ फीचर होता है, जो आपकी पसंद-नापसंद, नौकरी, परिवार और आदतों को याद रखता है। यह जानकारी वही होती है जिसे आपने कभी न कभी बातचीत के दौरान साझा किया होता है। यदि आप चाहते हैं कि एआई आपके बारे में कुछ भी याद न रखे, तो इसकी सेटिंग्स में जाएं। वहां ‘पर्सनलाइजेशन’ (Personalization) सेक्शन के अंदर ‘रेफरेंस सेव्ड मेमोरीज’ (Reference Saved Memories) को बंद कर दें। इसके बाद चैटजीपीटी पिछली बातों को भूल जाएगा।
चैटजीपीटी के पर्सनलाइजेशन सेक्शन में यूजर्स अक्सर अपना निकनेम, कार्यक्षेत्र और अन्य व्यक्तिगत विवरण दर्ज कर देते हैं ताकि एआई उन्हें बेहतर तरीके से संबोधित कर सके। यदि आपने भी ऐसी जानकारी डाल रखी है और अब उसे हटाना चाहते हैं, तो उन सभी फील्ड्स को खाली कर दें और सेटिंग्स को सेव कर लें। पुरानी जानकारी मिटाने का यह सबसे आसान तरीका है। अपनी प्रोफाइल को जितना हो सके ‘जेनेरिक’ रखें ताकि एआई के पास आपकी कोई व्यक्तिगत पहचान न रहे।
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