Chaudhry Yasin PoK PM: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की राजनीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने चौधरी मोहम्मद यासीन को अगले प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने खुद यासीन के नाम पर मुहर लगाई है। सूत्रों के अनुसार, मौजूदा प्रधानमंत्री चौधरी अनवर-उल-हक के खिलाफ जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा, जिससे सत्ता परिवर्तन की राह साफ हो गई है।
PPP की केंद्रीय बैठक में चार प्रमुख नामों पर चर्चा हुई, जिनमें चौधरी यासीन, लतीफ अख़बर, फैसल मुत्तज़ राठौर और सरदार याकूब खान शामिल थे। अंतिम निर्णय के लिए पार्टी की शीर्ष कमेटी ने सर्वसम्मति से यासीन के नाम को मंजूरी दी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम PoK में PPP की सत्ता मजबूत करने और PML-N के प्रभाव को कम करने की रणनीति का हिस्सा है।
PoK में PPP अध्यक्ष: चौधरी यासीन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के PoK अध्यक्ष हैं और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में उनकी मजबूत पकड़ है।बिलावल भुट्टो के करीबी: यासीन बिलावल भुट्टो के बेहद नजदीकी माने जाते हैं और कई बार उन्हें PPP की कश्मीर रणनीति का चेहरा कहा गया है।भारत-विरोधी छवि: यासीन लंबे समय से भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सरकार पर तीखे हमले किए हैं।पाकिस्तानी सेना के पसंदीदा: सूत्रों के अनुसार, यासीन पाकिस्तानी सेना के करीबी हैं और उन्हें सेना-फेवरेट नेता माना जाता है। यही कारण है कि PoK में सत्ता परिवर्तन के इस खेल में उन्हें आगे लाया गया है।
चौधरी यासीन हाल ही में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UNHRC) के मुख्यालय के बाहर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर चुके हैं। इस प्रदर्शन में उन्होंने भारत के खिलाफ जमकर बयान दिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। यासीन ने कहा था कि, “भारत चाहे जितना प्रयास करे, कश्मीर की आजादी की लड़ाई को दबाया नहीं जा सकता। लाखों शहीदों का खून एक दिन रंग लाएगा।”
PoK विधानसभा में कुल 52 सीटें हैं। बहुमत के लिए 27 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। वर्तमान में PPP के पास 17 सीटें हैं, जबकि PML-N के पास 9 सीटें हैं। हालाँकि, PTI के फॉरवर्ड ब्लॉक के 10 सदस्यों ने PPP को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस तरह PPP के कुल समर्थक 36 हो गए हैं, जो बहुमत से कहीं अधिक हैं।
मौजूदा प्रधानमंत्री अनवर-उल-हक के पास केवल 10 सदस्यों का समर्थन बचा है। PML-N ने साफ कर दिया है कि वह नई सरकार में शामिल नहीं होगी, लेकिन PPP के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी। इससे साफ है कि यासीन के प्रधानमंत्री बनने की राह आसान है।
विश्लेषकों का कहना है कि यासीन का चुनाव PoK में PPP और सेना के बीच सामंजस्य को दर्शाता है। उनका भारत-विरोधी रुख और पाकिस्तान की आर्मी के साथ निकटता उन्हें क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों में प्रभावशाली बनाती है। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि यासीन की सरकार PoK में स्थिरता के साथ-साथ पाकिस्तान की कश्मीर नीति को भी मजबूती से आगे बढ़ाएगी।PoK में होने वाले इस सत्ता परिवर्तन से क्षेत्रीय राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना है। चौधरी मोहम्मद यासीन के प्रधानमंत्री बनने से PPP की PoK में पकड़ और मजबूत होगी, वहीं भारत-विरोधी रुख भी और स्पष्ट होगा। आने वाले हफ्तों में अविश्वास प्रस्ताव और नए नेतृत्व के कार्यकाल की प्रक्रिया पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।
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