Chhattisgarh Assembly Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन राज्य की राजनीतिक और विधायी गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज सदन में सरकार की ओर से प्रदेश के विकास और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम संशोधन विधेयक पेश किए जाएंगे। सत्र के इस महत्वपूर्ण दिन में शिक्षा, उद्योग, वाणिज्यिक कर और अग्निशमन सेवाओं से जुड़े कानूनों में बदलाव लाने की तैयारी है। विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार, विभिन्न विभागों के मंत्री अपने-अपने प्रस्ताव सदन के पटल पर रखेंगे, जिस पर चर्चा के बाद उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सदन में पेश होंगे ये प्रमुख सरकारी विधेयक
आज सदन में सरकार की ओर से विधायी कार्यों का तांता लगा रहेगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ‘छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा (संशोधन) विधेयक, 2026’ को पुरःस्थापित करने का प्रस्ताव रखेंगे। वहीं, वाणिज्य और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ‘छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक, 2026’ और ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026’ पेश करेंगे, जिसका उद्देश्य राज्य में औद्योगिक वातावरण को और अधिक सरल बनाना है। इसके अलावा, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ‘छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026’ को विचारार्थ रखेंगे, जो राज्य में निजी विश्वविद्यालयों के संचालन मानकों को स्पष्ट करेगा।

वित्तीय और कर सुधारों पर रहेगा सरकार का जोर
मानसून सत्र के इस दिन वित्तीय और कर संबंधी कानूनों पर विशेष ध्यान केंद्रित रहेगा। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी सदन में महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश करेंगे। इनमें ‘छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026’ (वैट), और ‘छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026’ (जीएसटी) शामिल हैं। इन विधेयकों को विचारार्थ रखने और बाद में पारित कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा। जीएसटी और वैट संशोधनों का उद्देश्य राज्य के कर ढांचे में सुधार लाना और वित्तीय प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
विपक्ष की घेराबंदी: सड़क से सदन तक कांग्रेस का विरोध
विधायी कार्यों के बीच, सत्र के तीसरे दिन विपक्ष यानी कांग्रेस के आक्रामक तेवर भी देखने को मिलेंगे। कांग्रेस ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार के मामले को लेकर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की कार्यप्रणाली पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। सदन के अंदर जहाँ विपक्ष इन गंभीर मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा, वहीं सदन के बाहर रायपुर के नकटी में हाल ही में हुई घर तोड़ने की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का एक बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है। पार्टी नकटी से लेकर राजभवन तक विरोध मार्च निकालेगी। अपनी इस दोहरी रणनीति के जरिए कांग्रेस सरकार को कानून-व्यवस्था और प्रशासन की विफलताओं पर बैकफुट पर लाने की कोशिश करेगी। कुल मिलाकर, आज का दिन सत्ता पक्ष के लिए विधायी एजेंडे को पूरा करने और विपक्ष के हंगामे का सामना करने का एक बड़ा इम्तिहान होगा।
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