छत्तीसगढ़

Doctor Posting Delay : छत्तीसगढ़ में पांच महीने बाद भी बॉन्ड पोस्टिंग अटकी, डॉक्टरों और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को नुकसान

Doctor Posting Delay:  पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और पीजी पूरा कर चुके सैकड़ों डॉक्टर्स की बॉन्ड पोस्टिंग अब भी अधर में लटकी हुई है। कोर्स पूरा हुए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तक अधिकारिक आदेश (Official Order) जारी नहीं कर पाया है। इस देरी का असर न केवल डॉक्टरों के करियर पर पड़ रहा है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी इससे प्रभावित हो रही हैं।

मेरिट के आधार पर हुआ सीट अलॉटमेंट, लेकिन आदेश जारी नहीं हुआ है। इस बार विभाग ने बॉन्ड पोस्टिंग के लिए मेरिट लिस्ट के आधार पर सीटों का आबंटन किया है। पहला राउंड 26 अगस्त को पूरा हुआ और दूसरा राउंड 30 अगस्त को समाप्त हुआ है।

विभाग द्वारा 1 सितंबर को ऑर्डर जारी करने की बात कही गई थी, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। इससे डॉक्टरों के बीच भ्रम और नाराजगी का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की नीतियों के मुताबिक, कोर्स पूरा होने के बाद छह महीने के भीतर बॉन्ड पोस्टिंग दी जानी चाहिए। अगर यह अवधि पार हो जाती है, तो डॉक्टर कानूनी रूप से बॉन्ड सर्विस से मुक्त हो सकते हैं।

इससे दो बड़े नुकसान हो सकते हैं:

दूरस्थ क्षेत्रों में हेल्थ सर्विस का नुकसान

स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की कमी से जूझना पड़ेगा

मरीजों को नहीं मिल पा रही बेहतर सेवाएं

बॉन्ड पोस्टिंग के तहत इन डॉक्टर्स को जिला अस्पताल, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) और प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) जैसे संस्थानों में भेजा जाता है। लेकिन पोस्टिंग में देरी के कारण इन अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त डॉक्टर नहीं मिल पा रहे, गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है, डॉक्टर्स का करियर भी हो रहा प्रभावित और  पोस्टिंग में देरी का सीधा असर डॉक्टर्स के भविष्य पर पड़ रहा है। जैसे ही पोस्टिंग मिलेगी, उन्हें 2 साल की बॉन्ड सेवा देनी होगी, उसके बाद ही वे स्पेशलाइजेशन कोर्स (DM/MCh या अन्य) के लिए पात्र होंगे। इससे उनके करियर में कम से कम 6 महीने की अनावश्यक देरी जुड़ रही है।

जिम्मेदार कौन?

डॉक्टर्स और उनके परिजन विभागीय लापरवाही को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अभी तक विभाग के किसी अधिकारी ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण नहीं दिया है। बॉन्ड पोस्टिंग में देरी से न केवल प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को झटका लग रहा है, बल्कि भावी विशेषज्ञ डॉक्टरों के करियर पर भी असर हो रहा है। जरूरत है कि स्वास्थ्य विभाग तत्काल प्रभाव से ऑफिशियल आदेश जारी करे, ताकि डॉक्टर समय से सेवा दे सकें और प्रदेश को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

Read More : आर्यन खान की डेब्यू वेब सीरीज ‘The Bads Of Bollywood’ का ट्रेलर रिलीज

Thetarget365

Share
Published by
Thetarget365

Recent Posts

Kushinagar ISIS Arrest : दिल्ली पुलिस और यूपी एटीएस का बड़ा एक्शन, कुशीनगर से आईएसआईएस संदिग्ध गिरफ्तार

Kushinagar ISIS Arrest : देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर…

3 hours ago

RR vs GT highlights : राजस्थान रॉयल्स की रोमांचक जीत, आखिरी ओवर में तुषार देशपांडे ने पलटी हारी हुई बाजी।

RR vs GT highlights : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले…

3 hours ago

Bengal Election 2026 : भाजपा ने जारी की पांचवीं लिस्ट, 292 सीटों पर उम्मीदवारों का नाम फाइनल

Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल में सत्ता के महासंग्राम के लिए राजनीतिक बिसात बिछ…

3 hours ago

Jaggi Murder Case : हाईकोर्ट से दोषी करार अमित जोगी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, सोमवार को होगी सुनवाई

Jaggi Murder Case :  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में एक नया कानूनी…

5 hours ago

Kerala Election 2026 : केरल के चुनावी दंगल में धनबल और बाहुबल का कब्जा, एडीआर की चौंकाने वाली रिपोर्ट

Kerala Election 2026 :  केरलम विधानसभा चुनाव 2026 के रण में उतरे उम्मीदवारों के प्रोफाइल…

5 hours ago

Chhattisgarh RTE crisis: छत्तीसगढ़ आरटीई प्रवेश संकट, निजी स्कूलों का असहयोग, 55 हजार बच्चों का भविष्य दांव पर

Chhattisgarh RTE crisis :  छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के…

5 hours ago

This website uses cookies.