Chhattisgarh Cabinet
Chhattisgarh Cabinet: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, किसानों के कल्याण और प्रशासनिक सुधारों को लेकर 10 ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इन फैसलों से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत को भी नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए साय सरकार ने ‘रायपुर महानगरीय पुलिस जिले’ में पुलिस आयुक्त प्रणाली (Police Commissioner System) लागू करने का बड़ा निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था 23 जनवरी से प्रभावी हो जाएगी। इससे पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए अधिक कार्यकारी शक्तियां प्राप्त होंगी, जिससे राजधानी की सुरक्षा चाक-चौबंद होगी।
राज्य के वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कैबिनेट ने साल 2026 के लक्ष्य तय किए हैं। सरकार ने 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी के लिए आवश्यक ऋण लेने हेतु राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति प्रदान की है। इस फैसले से लाखों संग्राहक परिवारों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य समय पर मिलना सुनिश्चित होगा।
प्रदेश में ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक आकर्षक घोषणा की है। 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित होने वाले ‘रायपुर ऑटो एक्सपो’ में खरीदे जाने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जाएगी। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को नया वाहन खरीदने में बड़ी राहत मिलेगी और एक्सपो के दौरान व्यापार में भी तेजी आएगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कोदो, कुटकी और रागी (मिलेट्स) की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री का जिम्मा छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को सौंपा गया है। इसके सुचारू संचालन के लिए संघ को आवश्यक कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है। साथ ही, अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए संघ को 30 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण देने का भी निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट ने अंत्यावसायी सहकारी वित्त और विकास निगम के पुराने ऋणों के निपटारे के लिए 55.69 करोड़ रुपए के बजट प्रावधान को मंजूरी दी है। इस कदम से सरकार पर पड़ने वाला 2.40 करोड़ रुपए का वार्षिक ब्याज भार कम होगा और लगभग 229.91 करोड़ रुपए की गारंटी देनदारी समाप्त हो जाएगी। यह निगम की वित्तीय स्थिति को सुधारने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।
खाद्य और उद्योग क्षेत्र को राहत देते हुए कैबिनेट ने उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। साथ ही पात्रता की अवधि को 3 माह से घटाकर 2 माह किया गया है। औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं ताकि राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। इसके अतिरिक्त, राइस मिलर्स के लिए बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क को 0.25% से घटाकर 0.05% कर दिया गया है। अंत में, पुलिस मुख्यालय में एक नए ‘विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी’ (लेवल-14) के पद सृजन को भी हरी झंडी दी गई है।
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