Chhattisgarh Cabinet: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित उनके कक्ष में मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। साय सरकार ने इस बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में सुशासन, धार्मिक स्वतंत्रता और खेल विकास उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर हैं। बैठक के दौरान कुल 10 प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जो छत्तीसगढ़ के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को नई दिशा देंगे।

धर्मांतरण के खिलाफ सख्त रुख: ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक 2026’ को हरी झंडी
कैबिनेट का सबसे चर्चित निर्णय ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी देना रहा। इस कानून का मुख्य उद्देश्य राज्य में किसी भी व्यक्ति को बलपूर्वक, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों या अनुचित प्रभाव के माध्यम से होने वाले धर्म परिवर्तन पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकार का तर्क है कि धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मौलिक है, लेकिन किसी भी प्रकार का लालच या डर दिखाकर किया गया धर्मांतरण अपराध की श्रेणी में आएगा। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और भोली-भाली जनता को धार्मिक शोषण से बचाने का प्रयास किया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया में बड़ा सुधार: कर्मचारी चयन मंडल का गठन और नकल पर नकेल
प्रदेश के युवाओं के लिए कैबिनेट ने दो क्रांतिकारी विधेयकों को मंजूरी दी है। पहला, ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026’, जिसके तहत राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए एक विशेष मंडल का गठन किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक संगठित और त्वरित होगी। दूसरा, ‘छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी गई है। यह कानून परीक्षाओं में होने वाली नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाएगा, जिससे भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
जनता को वित्तीय राहत: संपत्ति पंजीयन पर लगने वाला 12% उपकर समाप्त
साय कैबिनेट ने आम जनता की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करते हुए ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026’ को स्वीकृति दी है। इसके तहत संपत्ति के पंजीयन पर लगने वाले अतिरिक्त 12 प्रतिशत उपकर (Cess) को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। गौरतलब है कि साल 2023 में तत्कालीन सरकार ने राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए यह शुल्क लगाया था। चूंकि वर्तमान में यह योजना संचालित नहीं है, इसलिए सरकार ने इस अतिरिक्त वित्तीय भार को हटाने का निर्णय लिया है, जिससे अब राज्य में घर और जमीन खरीदना सस्ता हो जाएगा।
सौर ऊर्जा और खेल को प्रोत्साहन: क्रेडा के अनुदान और राजनांदगांव में क्रिकेट अकादमी
ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर भारी अनुदान देने का फैसला किया है। क्रेडा के माध्यम से सोलर हाईमास्ट और घरेलू बायोगैस संयंत्रों के लिए 1.50 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, खेल जगत के लिए राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। इस भूमि पर एक आधुनिक क्रिकेट अकादमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैदान बनाया जाएगा, जिससे राज्य की खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिल सकेगा। साथ ही, राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 13 पुराने मुकदमों को वापस लेने का भी फैसला किया गया है।

















