Chhattisgarh Weather
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के आसमान से इस समय आग बरस रही है। पूरा प्रदेश भीषण लू और चिलचिलाती गर्मी की चपेट में है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है। सूरज के तीखे तेवर और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से मैदानी इलाकों में दोपहर के समय सड़कें सूनी हो रही हैं। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले कुछ दिनों में हल्के बदलाव के संकेत दिए हैं, लेकिन फिलहाल ‘हीटवेव’ का संकट टला नहीं है।
शुक्रवार को छत्तीसगढ़ का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा, जिससे गर्मी ने अपने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने झुलसाने वाली गर्मी का एहसास कराया। अन्य प्रमुख शहरों में भी पारा 43 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है। शुष्क हवाओं के कारण वातावरण में नमी की कमी हो गई है, जिससे डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
राजधानी रायपुर की स्थिति भी काफी चिंताजनक बनी हुई है। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने रायपुर और आसपास के इलाकों में लू (Heatwave) चलने की आशंका जताई है। हालांकि, विभाग ने एक विरोधाभासी पूर्वानुमान भी जारी किया है, जिसके अनुसार 26 अप्रैल को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जो तपती धरती को थोड़ी देर के लिए शांत कर सकती है।
भीषण गर्मी और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए आदेश के अनुसार, 23 अप्रैल से 30 जून तक सभी आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 7 बजे से 11 बजे तक ही संचालित होंगे। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके लिए केंद्र में रुकने का समय केवल सुबह 7 बजे से 9 बजे तक ही निर्धारित किया गया है। 1 जुलाई से जब मौसम में सुधार की उम्मीद है, तब केंद्र फिर से अपने पुराने समय यानी सुबह 9:30 से दोपहर 3:30 बजे तक नियमित रूप से खुलेंगे।
मौसम वैज्ञानिकों ने इस भीषण गर्मी के पीछे के तकनीकी कारणों का भी खुलासा किया है। उनके अनुसार, विदर्भ (महाराष्ट्र) से लेकर दक्षिण भारत तक एक ‘ट्रफ लाइन’ बनी हुई है। साथ ही बंगाल और ओडिशा के क्षेत्र में ऊपरी हवा का एक चक्रवाती प्रभाव सक्रिय है। इन भौगोलिक स्थितियों के कारण छत्तीसगढ़ में लगातार गर्म और शुष्क हवाओं का आगमन हो रहा है। नमी की कमी और तेज धूप के कारण ‘हीट इंडेक्स’ बढ़ गया है, जिससे लोगों को वास्तविक तापमान से भी अधिक गर्मी महसूस हो रही है।
अगले 72 घंटों तक छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष गिरावट दर्ज नहीं की जाएगी। हालांकि, 28 अप्रैल के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की हल्की गिरावट आ सकती है। तब तक लू का असर बना रहेगा। प्रशासन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त रखें और अस्पतालों में हीटस्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम सुनिश्चित करें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सिंचाई शाम के समय करें ताकि वाष्पीकरण कम हो।
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