छत्तीसगढ़

CG Higher Education: छत्तीसगढ़ के 872 सहायक प्राध्यापकों की सेवा हुई पुष्ट, विभाग ने जारी किया आधिकारिक आदेश

CG Higher Education:  छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि (Probation Period) समाप्त करने की दिशा में व्यापक स्तर पर परीक्षण कार्य शुरू कर दिया है। 27 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विभाग ने हजारों लंबित प्रकरणों की समीक्षा की है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य उन शिक्षकों को स्थायी करना है जिन्होंने अपनी सेवा के निर्धारित मानक पूरे कर लिए हैं। विभाग द्वारा वर्ष 2022 और उससे पूर्व नियुक्त किए गए प्राध्यापकों के दस्तावेजों का सूक्ष्मता से मिलान किया जा रहा है ताकि शैक्षणिक व्यवस्था में स्थिरता लाई जा सके।

हजारों प्रकरणों की समीक्षा: 872 प्राध्यापकों को मिली हरी झंडी

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कुल 1010 परिवीक्षाधीन सहायक प्राध्यापकों के मामलों का परीक्षण किया गया है। इनमें वर्ष 2022 से पहले नियुक्त 10 प्राध्यापक, जनवरी-फरवरी 2022 के 338, मार्च-मई के 572 और जून-दिसंबर 2022 के 90 प्रकरण शामिल थे। गहन समीक्षा के बाद, समिति ने 872 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की अनुशंसा की है। हालांकि, सभी को तुरंत राहत नहीं मिली है; 68 प्राध्यापकों को वर्तमान में परिभ्रमण (Observation) में रखा गया है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि केवल वे ही शिक्षक स्थायी हों जो विभाग के कड़े अनुशासन और कार्यक्षमता के पैमानों पर खरे उतरते हैं।

गोपनीय प्रतिवेदन और मानकों में कमी: 70 प्राध्यापकों की अवधि बढ़ी

परीक्षण के दौरान कुछ विसंगतियां भी पाई गई हैं। विभाग ने बताया कि 70 सहायक प्राध्यापकों के गोपनीय प्रतिवेदन (CR) समिति द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके परिणामस्वरूप, उनकी परिवीक्षा अवधि में वृद्धि करने की अनुशंसा की गई है। इनमें से 53 प्राध्यापकों की अवधि 1 वर्ष के लिए और 17 प्राध्यापकों की अवधि 2 वर्ष के लिए बढ़ाई गई है। इसका अर्थ है कि इन शिक्षकों को अपनी कार्यप्रणाली और दस्तावेजों में सुधार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि कार्य के प्रति निष्ठा और पारदर्शिता ही स्थायीकरण का एकमात्र आधार है।

फरवरी और मार्च की बैठकों का लेखा-जोखा: पात्र बनाम अपात्र

परिवीक्षा प्रक्रिया को गति देने के लिए फरवरी और मार्च 2026 में दो महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। फरवरी की प्रथम बैठक में 348 प्रकरणों की समीक्षा हुई, जिसमें 307 पात्र पाए गए और 15 प्रकरणों को अपूर्ण दस्तावेजों के कारण लंबित रखा गया। इसके बाद मार्च में आयोजित द्वितीय बैठक में मई 2022 तक नियुक्त 572 प्रकरणों का परीक्षण हुआ, जिसमें 497 प्राध्यापक पात्र मिले। जून से दिसंबर 2022 के बीच नियुक्त 90 प्रकरणों में से 68 को हरी झंडी मिली, जबकि 8 प्राध्यापक मानकों पर अपात्र पाए गए। जिनके दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें पूर्ति करने पर भविष्य में पात्र मान लिया जाएगा।

पारदर्शिता और भविष्य की राह: 2025 तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य

इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन, पुलिस सत्यापन, सतत सेवा प्रमाण-पत्र, और चल-अचल संपत्ति के विवरण जैसे दस्तावेजों का कड़ाई से परीक्षण किया है। विभाग का कहना है कि वर्ष 2025 तक की नियुक्तियों से संबंधित सभी परिवीक्षा कार्य समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। इस पहल से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि महाविद्यालयों में प्रशासनिक कसावट भी आएगी। लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण से छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जागी है, जिससे हजारों परिवारों को मानसिक और आर्थिक राहत मिलेगी।

Read More:  WhatsApp Update 2026: अब iPhone में भी चलेगा ‘ड्यूल व्हाट्सएप’, चैट ट्रांसफर और AI टूल्स ने बदला गेम

Thetarget365

Recent Posts

Bengal Violence: मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर उपद्रव, आगजनी और तोड़फोड़ के बाद रैपिड एक्शन फोर्स तैनात

Bengal Violence:  पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में रामनवमी के पावन अवसर पर उत्सव का…

3 hours ago

Caribbean Crisis: ट्रंप की ‘Donroe Doctrine’ और क्यूबा में कास्त्रो परिवार की वापसी, महाशक्तियों में ठनी

Caribbean Crisis:  पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति…

3 hours ago

Middle East War: ईरान के भीषण प्रहार से दहला अमेरिका, 13 सैन्य बेस तबाह होने का बड़ा दावा

Middle East War:  पश्चिम एशिया के रणक्षेत्र में अमेरिका को जिस आसान जीत की उम्मीद…

4 hours ago

Zojila Avalanche: लद्दाख के ज़ोजिला दर्रे पर बर्फ का पहाड़ गिरा, 6 की मौत, कई लोग अभी भी लापता

Zojila Avalanche: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर शुक्रवार…

4 hours ago

This website uses cookies.