Chhattisgarh doctors : छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने पीजी बॉन्ड के लिए जारी हालिया सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रक्रिया की मांग की है। इस बीच, एसोसिएशन ने बॉन्ड पोस्टिंग का बहिष्कार करने का निर्णय भी लिया है।एसोसिएशन का कहना है कि 14 अगस्त 2025 को प्रकाशित पीजी बॉन्ड सूची में कई ऐसे नाम शामिल किए गए हैं जो निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करते। इसके चलते वास्तविक योग्य उम्मीदवारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मुख्य रूप से चार मांगें रखी हैं:
अनुचित चयनित चिकित्सकों को सूची से बाहर किया जाए और केवल योग्य उम्मीदवारों को शामिल किया जाए।
बॉन्ड पॉलिसी की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो, ताकि भविष्य में विवाद न उत्पन्न हों।
अवसर देने में वरिष्ठता और मेरिट को प्राथमिकता दी जाए।
चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह की चयन प्रक्रिया डॉक्टरों में अविश्वास और भ्रष्टाचार की आशंका को बढ़ा देती है। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि योग्य डॉक्टरों का हक भी छीन रही है। ऐसे हालात स्वास्थ्य प्रणाली में भरोसा कमजोर कर सकते हैं।
एसोसिएशन ने स्वास्थ्य विभाग से अपील की है कि वह इस अनियमितता को तुरंत निरस्त करे और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलनात्मक कदम उठाने पड़ सकते हैं।
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय ने जून 2025 में प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों से पास आउट हुए 157 छात्रों की अनिवार्य बॉन्ड सेवा के लिए सूची जारी की थी। इस सूची के अनुसार चयनित छात्रों को दो वर्ष तक ग्रामीण या शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करना अनिवार्य होगा।
जारी सूची में चार शासकीय मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल हैं:
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर – 117 छात्र
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सीआईएमएस), बिलासपुर – 24 छात्र
शहीद वीर नारायण सिंह मेडिकल कॉलेज, अंबिकापुर – 5 छात्र
पं. जेजेएनएम मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर – 11 छात्र
कुल मिलाकर 157 छात्र-छात्राओं को अनिवार्य बॉन्ड सेवा के लिए चयनित किया गया है।
आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बताया कि छात्रों की सूची विश्वविद्यालय परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई है। मेरिट के अनुसार छात्रों की पोस्टिंग ग्रामीण और शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं में की जानी है, ताकि उनके कौशल और शिक्षा का सही उपयोग हो सके।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा उठाए गए सवाल और बॉन्ड पोस्टिंग का बहिष्कार स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्यायसंगत प्रक्रिया की आवश्यकता को उजागर करता है। विभाग द्वारा समय पर सुधार और उचित कदम उठाए जाने की उम्मीद है, ताकि योग्य डॉक्टरों का हक सुरक्षित रहे और प्रणाली में भरोसा कायम हो।
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