Kondagaon Gangrape: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ होली के ठीक दूसरे दिन, जब पूरा प्रदेश रंगों के त्योहार की खुमारी में डूबा था, एक 19 वर्षीय युवती सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का शिकार हो गई। रंग-गुलाल लगाने के बहाने आए पांच युवकों ने न केवल सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखा, बल्कि एक मासूम की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई। यह शर्मनाक मामला केशकाल अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले इरागांव थाना क्षेत्र का है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है।
साजिश के तहत युवती को घर में किया अकेला: मां को भेजा बाहर
घटना के पीछे की साजिश बेहद खौफनाक थी। जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक रंग लगाने के बहाने पीड़िता के घर पहुंचे थे। घर में युवती अपनी मां के साथ मौजूद थी। आरोपियों ने चालाकी दिखाते हुए युवती की मां को शराब लाने के बहाने घर से बाहर भेज दिया। जैसे ही मां घर से निकली, आरोपियों ने मौके का फायदा उठाया। युवती घर में बिल्कुल अकेली रह गई थी, जिसका लाभ उठाकर आरोपियों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की योजना पर अमल किया।
कमरे में बंधक बनाकर बारी-बारी से किया सामूहिक दुष्कर्म
जैसे ही घर खाली हुआ, चार आरोपी युवक जबरन युवती को कमरे के भीतर ले गए। वहां उन्होंने बारी-बारी से युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस पूरी घटना के दौरान, पांचवां आरोपी घर के बाहर पहरा दे रहा था ताकि कोई अंदर न आ सके और उनकी इस काली करतूत में बाधा न पड़े। जब युवती की मां शराब लेकर वापस लौटी, तो घर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर का दरवाजा अंदर से बंद था और जब उन्होंने दरवाजा खुलवाया, तो देखा कि आरोपी उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म कर रहे थे। मां के आते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
सामाजिक न्याय की विफल कोशिश और पुलिस की शरण
लोकलाज और न्याय की आस में पीड़िता ने अगले दिन गांव के प्रमुखों के साथ एक बैठक बुलाई थी। उम्मीद थी कि आरोपी अपनी गलती मानेंगे और सामाजिक स्तर पर कोई समाधान निकलेगा, लेकिन आरोपी युवक उस बैठक में शामिल नहीं हुए। आरोपियों की इस ढिठाई के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने कानून का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया। देर शाम पीड़िता ने इरागांव थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तीन नाबालिग समेत पांचों आरोपी गिरफ्त में
मामला दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक (SP) पंकज चंद्रा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और कुछ ही घंटों के भीतर सभी पांचों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में से दो बालिग हैं, जबकि तीन आरोपी नाबालिग (विधि विरुद्ध बालक) बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है ताकि अदालत में कड़ा पक्ष रखा जा सके।
प्रशासनिक आश्वासन: दोषियों को मिलेगी कड़ी से कड़ी सजा
कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि पुलिस सभी कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल, क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है और पीड़िता को सुरक्षा व सहायता प्रदान की जा रही है।
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