Chaitanya Baghel: छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं। रायपुर की विशेष PMLA अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उनकी न्यायिक हिरासत 12 नवंबर तक बढ़ा दी है। यह फैसला राज्य की राजनीतिक सियासत में एक बार फिर गर्मी पैदा कर रहा है।
ईडी के आरोप
चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि उन्होंने शराब कारोबार से जुड़ी अवैध कमाई को शेल कंपनियों और रियल एस्टेट निवेशों के जरिए सफेद धन में बदलने का प्रयास किया। ईडी के अनुसार, इस घोटाले की राशि लगभग 2,000 करोड़ रुपये है, जिसमें राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों की मिलीभगत सामने आई है।
जांच अभी अधूरी
29 अक्टूबर को जब चैतन्य को रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया, तो ईडी ने जांच अधूरी होने का हवाला दिया और रिमांड बढ़ाने की मांग की। अदालत ने माना कि कई महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन की जांच अभी बाकी है और इस चरण में रिहाई जांच को प्रभावित कर सकती है। इसी आधार पर जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
राजनीतिक दावे और कानूनी तर्क
चैतन्य बघेल की कानूनी टीम का कहना है कि यह पूरा केस राजनीतिक बदले की भावना से तैयार किया गया है और अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं हुए हैं जो उनकी सीधी भूमिका साबित करते हों। हालांकि अदालत ने फिलहाल इस तर्क को स्वीकार करते हुए भी रिहाई देने से इनकार किया और जांच को प्राथमिकता दी।
सिर्फ चैतन्य बघेल ही नहीं, इस केस से जुड़े निरंजन दास को भी उसी दिन अदालत में पेश किया गया, लेकिन उन्हें भी कोई राहत नहीं मिली। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस समय किसी भी आरोपी को लचीलापन देना उचित नहीं होगा।
राजनीतिक हलचल
छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह मामला गर्मागरम बहस का विषय बन गया है। भाजपा ने इसे कांग्रेस शासनकाल का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला बताया, जबकि कांग्रेस ने ईडी पर आरोप लगाया कि वह केंद्रीय सरकार के दबाव में कार्रवाई कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा फाइनेंशियल स्कैम माना जा रहा है और आगे की जांच के परिणाम राजनीतिक और आर्थिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला अब भी जांच के अधीन है और चैतन्य बघेल सहित अन्य आरोपी फिलहाल जेल में ही रहेंगे। इस घोटाले की सच्चाई और इसकी राजनीतिक जटिलताएं आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होंगी।
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