छत्तीसगढ़

LPG Cylinder Raid: छत्तीसगढ़ में गैस माफिया पर बड़ा प्रहार, 1013 सिलेंडर जब्त, अब क्यूआर कोड से होगी गैस बुकिंग

LPG Cylinder Raid: छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग और अवैध व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। राज्य शासन के निर्देशानुसार, आम उपभोक्ताओं को गैस की कमी न हो, इसके लिए सतत निगरानी रखी जा रही है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने 17 मार्च 2026 को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में बताया कि अब तक राज्य भर में कुल 214 स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इस सख्त कार्रवाई के दौरान 1013 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, राजधानी रायपुर में सबसे अधिक 392 सिलेंडर और बिलासपुर जिले में 201 सिलेंडर पकड़े गए हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाली गैस का लाभ केवल घरेलू रसोई तक ही पहुंचे।

बुकिंग व्यवस्था को आसान बनाने के निर्देश: जारी हुए नए हेल्पलाइन नंबर

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए खाद्य सचिव ने ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों को बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं। अब उपभोक्ता व्हॉट्सएप, मोबाइल नंबर, आईवीआरएस (IVRS) और वेबसाइट के माध्यम से आसानी से गैस बुक कर सकेंगे। विशेष रूप से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा जारी नए बुकिंग नंबरों (मोबाइल: 8927225667 और आईवीआरएस: 8391990070) का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग नई व्यवस्था से अवगत हो सकें। विभाग का मानना है कि डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा देने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति: अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को राहत

भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत, प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए एक संतुलित कोटा प्रणाली लागू की गई है। इसके अंतर्गत सार्वजनिक सेवा से जुड़े संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। अब अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों के कैंप, जेल, हॉस्टल और रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट की कैंटीन को उनकी पूरी मासिक आवश्यकता के अनुसार गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं किसी भी स्थिति में बाधित न हों और समाज के संवेदनशील वर्गों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

होटल और रेस्टोरेंट के लिए नई सीमा तय: उद्योगों पर भी नियंत्रण

व्यावसायिक संस्थानों के लिए गैस वितरण की एक नई सीमा रेखा निर्धारित की गई है। सरकारी कार्यालयों, कैंटीन और गेस्ट हाउस को उनके पिछले महीनों के औसत उपभोग का अधिकतम 50 प्रतिशत ही कोटा मिलेगा। वहीं, होटल, रेस्टोरेंट, पशु आहार उत्पादक संयंत्र और बीज उत्पादक इकाइयों के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता उनकी निर्धारित सीमा के 20 प्रतिशत के भीतर ही रहेगी। इस नियंत्रण का उद्देश्य बाजार में कमर्शियल गैस की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाना है, जिससे घरेलू सिलेंडरों की चोरी और उनके व्यावसायिक उपयोग पर अंकुश लगाया जा सके।

शिकायतों के लिए कॉल सेंटर सक्रिय: त्वरित समाधान की गारंटी

खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए अपने कॉल सेंटर को हाई अलर्ट पर रखा है। यदि किसी उपभोक्ता को बुकिंग या आपूर्ति में परेशानी आती है, तो वे टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 या 1967 पर संपर्क कर सकते हैं। इन केंद्रों पर प्राप्त शिकायतों का ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय करके प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है। खाद्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि जिलों में सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ा दी गई है और लंबित बुकिंग को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रदेश के किसी भी घर में चूल्हा न बुझे।

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