Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई मैदानी और पर्वतीय इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गईं। राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार गरज-चमक हुई और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रात का तापमान भी गिरा दिया है।
शनिवार की रात प्रादेशिक राजधानी रायपुर और उसके आसपास के इलाकों में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिला। यहाँ तेज हवाओं के साथ न केवल बारिश हुई, बल्कि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (ओले गिरना) भी दर्ज की गई। आंधी का वेग इतना तीव्र था कि केनाल रोड पर एक विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर मुख्य सड़क पर आ गिरा, जिससे पूरा मार्ग पूरी तरह से ब्लॉक हो गया। गनीमत रही कि पेड़ की चपेट में कोई वाहन नहीं आया, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था।
इस प्राकृतिक आपदा के बाद नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क पर पेड़ गिरने की इतनी बड़ी घटना के बाद भी जिम्मेदार विभागों का कोई भी अमला देर रात तक मलबे और पेड़ को हटाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी। पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए ब्लॉक रास्ते को वन-वे कर यातायात को सुचारू रूप से चालू कराया।
तेज आंधी-तूफान के कारण राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में मुख्य चौराहों और बहुमंजिला इमारतों पर लगे बड़े-बड़े व्यावसायिक होर्डिंग्स और फ्लेक्स उखड़कर हवा में उड़ गए। इसके अलावा, रायपुर के बाहर अन्य जिलों की बात करें तो कोरबा, धमतरी और कोंडागांव के इलाकों में भी घने बादल छाए रहे और वहां जमकर मानसूनी बौछारें पड़ीं। इन ग्रामीण और शहरी इलाकों में तेज हवाओं के कारण बिजली के बुनियादी ढांचे को भी आंशिक नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के नागरिकों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में अगले 3 दिनों तक मौसम का यह रौद्र रूप जारी रहने की पूरी संभावना है। इस अवधि के दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज अंधड़ चलने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इस दौरान धूलभरी आंधी और हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।
एक तरफ जहां बारिश से तात्कालिक राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने चौंकाने वाला पूर्वानुमान भी जारी किया है। विभाग के मुताबिक, इस मानसूनी हलचल के शांत होते ही अगले 24 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसके बाद के अगले 4 दिनों में भी मौसम शुष्क होते ही पारा धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री तक और चढ़ने के आसार हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
इस अचानक आए मौसमी बदलाव के पीछे के मुख्य वैज्ञानिक कारणों को स्पष्ट करते हुए मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस मौसमी सिस्टम के साथ ही वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी निर्मित हुआ है। इसी मौसमी तंत्र के प्रभाव के कारण छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है, जो आंधी और बारिश का मुख्य कारण बनी हुई है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के अलावा, देश के आंतरिक हिस्सों में भी कई मौसमी बदलाव एक साथ काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर विदर्भ और दक्षिण भारत के कुछ अंदरूनी हिस्सों तक एक प्रभावी ट्रफ लाइन और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय बना हुआ है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव और आपस में टकराने के कारण छत्तीसगढ़ का मौसम पूरी तरह से प्रभावित हुआ है, जिससे असमय तेज हवाओं, ओलावृष्टि और गरज-चमक की परिस्थितियां पैदा हो रही हैं।
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