Chhattisgarh New Excise Policy: छत्तीसगढ़ में इस साल रंगों का त्योहार होली शराब के शौकीनों के लिए कुछ अलग होने वाला है। राज्य सरकार द्वारा जारी की गई नई आबकारी नीति के तहत अब होली के दिन शराब की दुकानें बंद नहीं रहेंगी। यह एक बड़ा नीतिगत बदलाव है, क्योंकि अब तक राज्य में होली को ‘ड्राई डे’ (शुष्क दिवस) के रूप में मनाया जाता था और इस दिन मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब लोग त्योहार के दिन भी सीधे सरकारी दुकानों से शराब खरीद सकेंगे। सरकार के इस फैसले से जहां राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं त्योहार के दौरान अवैध शराब की बिक्री पर लगाम लगने की संभावना भी जताई जा रही है।

तीन प्रमुख ड्राई डे समाप्त: अब साल में केवल चार दिन रहेगा प्रतिबंध
नई आबकारी नीति के तहत राज्य सरकार ने ड्राई डे की सूची में बड़ी कटौती की है। पहले छत्तीसगढ़ में साल भर में कुल 7 दिन ड्राई डे निर्धारित थे, जिन्हें अब घटाकर केवल 4 दिन कर दिया गया है। समाप्त किए गए तीन प्रमुख दिनों में होली, मुहर्रम और महात्मा गांधी का निर्वाण दिवस (30 जनवरी) शामिल हैं। इसका अर्थ यह है कि अब इन तीन विशेष अवसरों पर भी प्रदेश में शराब की दुकानें नियमित रूप से खुलेंगी। प्रशासन का मानना है कि विशेष अवसरों पर दुकानें बंद रहने से कोचियों और अवैध शराब बेचने वालों का बोलबाला बढ़ जाता था, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
वर्ष 2026-27 के लिए नई गाइडलाइन: ये होंगे अनिवार्य शुष्क दिवस
संशोधित नीति के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए केवल चार राष्ट्रीय और धार्मिक महत्व के दिनों को ही पूर्ण शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इनमें 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) और 18 दिसंबर (गुरु घासीदास जयंती) शामिल हैं। इन चार दिनों को छोड़कर बाकी सभी महत्वपूर्ण तिथियों पर शराब की बिक्री वैध मानी जाएगी। यह आदेश शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की देशी व विदेशी शराब दुकानों पर समान रूप से लागू होगा।

पुलिसिया कार्रवाई और अवैध भंडारण से मिलेगी मुक्ति
पुराने नियमों के तहत होली के दिन दुकानें बंद रहने के कारण पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। होली की पूर्व संध्या पर जगह-जगह चेकिंग पॉइंट लगाए जाते थे और शराब का भंडारण करने वालों पर कार्रवाई की जाती थी। कई बार व्यक्तिगत उपयोग के लिए शराब ले जा रहे लोगों को भी पूछताछ और जब्ती का सामना करना पड़ता था। नई नीति आने के बाद अब ऐसे हालात नहीं बनेंगे। चूंकि त्योहार के दिन दुकानें खुली रहेंगी, इसलिए लोग पहले से स्टॉक जमा करने के बजाय जरूरत के समय सीधे दुकान जा सकेंगे, जिससे अवैध शराब के कारोबार और पुलिसिया विवादों में कमी आएगी।
विपक्ष का कड़ा विरोध: गांधी पुण्यतिथि पर दुकानों के खुलने पर मचा बवाल
सरकार के इस फैसले का राजनीतिक विरोध भी शुरू हो गया है। हाल ही में 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने के कारण मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में शराब दुकानों के सामने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि राष्ट्रपिता के सिद्धांतों और आदर्शों के विपरीत उनकी पुण्यतिथि पर शराब बेचना दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष का कहना है कि यह निर्णय गांधीवादी विचारों और जनभावनाओं का अपमान है, इसलिए सरकार को इस पर पुनर्विचार कर पुरानी व्यवस्था बहाल करनी चाहिए।
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