Chhattisgarh Rajyotsav 2026: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं और परंपराओं को समर्पित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का आज 3 नवंबर को भव्य समापन होने जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में आयोजित अंतिम समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। समापन अवसर पर राज्य अलंकरण समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें कला, संस्कृति, साहित्य और समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित होंगी प्रदेश की प्रतिभाएं
राज्योत्सव के अंतिम दिन आयोजित राज्य अलंकरण समारोह विशेष आकर्षण रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया जाएगा। इन पुरस्कारों के माध्यम से उन लोगों के योगदान को पहचान मिलेगी, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिभा और रचनात्मकता से छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। यह आयोजन प्रदेश की नई पीढ़ी को भी कला, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

पद्मश्री उषा बारले की पंडवानी प्रस्तुति से सजेगा मुख्य मंच
राज्योत्सव के मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। सबसे पहले शाम 6 से 6:30 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद शाम 6:30 से 7 बजे तक छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मश्री उषा बारले अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। उनकी प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को प्रदेश की लोकपरंपरा और आध्यात्मिक संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिलेगी।

रात 9 बजे अभिजीत भट्टाचार्य लगाएंगे सुरों का तड़का
शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक राज्य अलंकरण समारोह आयोजित होगा। इसके बाद रात 9 बजे बॉलीवुड के लोकप्रिय पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। उनके लोकप्रिय गीतों और मधुर आवाज से राज्योत्सव की अंतिम शाम यादगार बनने की उम्मीद है। स्थानीय लोकसंगीत से लेकर बॉलीवुड के गीतों तक का यह सांस्कृतिक सफर दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।
शिल्पग्राम में होंगी दस सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
राज्योत्सव के अंतिम दिन शिल्पग्राम मंच पर भी दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम शुरू होंगे। यहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कलाकार कुल दस प्रस्तुतियां देंगे। इनमें पंथी नृत्य, जसगीत, जगराता, भजन, आदिवासी लोकसंगीत, कथक, सूफी गायन और नाट्य प्रस्तुतियां शामिल हैं। रायपुर की आस्था भट्ट भजन गायन करेंगी, दुर्ग की आरती बारले पंथी नृत्य प्रस्तुत करेंगी और कबीरधाम के राकेश सेन लोकमंच के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

कथक, आदिवासी नृत्य और सूफी संगीत भी होंगे आकर्षण
शिल्पग्राम में अभिषेक सोनकर आदिवासी लोकसंगीत और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। दीपाली पाण्डेय कथक समूह नृत्य और अनुष्णा रॉय चौधरी कथक की प्रस्तुति करेंगी। वहीं वृद्धुमन वचस्पति भारती सूफी संगीत से माहौल को खास बनाएंगे। आनंदकुमार पाण्डेय की नाट्य प्रस्तुति भी दर्शकों के लिए आकर्षण रहेगी।
स्थानीय कलाकारों को मिल रहा राष्ट्रीय पहचान का अवसर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की लोककलाओं और जनजातीय विरासत के संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्योत्सव स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर के मंच से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। तीन दिनों में शिल्पग्राम पर कुल 30 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गई हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, प्रतिभाओं के सम्मान और लोकपरंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का विशेष अवसर बन रहा है।


