Naib Tehsildar Assault Case : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से शासकीय काम के दौरान हिंसा और प्रशासनिक अराजकता की एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ स्थानीय विधायक और उनके उग्र समर्थकों द्वारा दफ्तर के भीतर और बाहर बर्बरतापूर्वक मारपीट किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि उग्र भीड़ ने कानून को ताक पर रखकर बीच-बचाव करने की कोशिशों के बावजूद नायब तहसीलदार के कपड़े तक फाड़ दिए। इस घटना से पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले और राजस्व विभाग में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
इस पूरी हिंसक घटना के पीछे का मुख्य कारण जमीन से जुड़े एक मामले की फाइल को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। दरअसल, सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने अपनी ज़मीन के किसी आवश्यक काम को लेकर बीते 14 मई को राजापुर उप तहसील कार्यालय में एक आधिकारिक फाइल जमा की थी। पीड़ित महिला का आरोप है कि नायब तहसीलदार और कार्यालय के बाबुओं द्वारा उन्हें पिछले कई दिनों से बिना वजह परेशान किया जा रहा था और काम करने के बजाय लगातार दफ्तर के चक्कर कटवाए जा रहे थे।
बुधवार को जब सीमा धनकी एक बार फिर अपने काम के सिलसिले में उप तहसील कार्यालय पहुंचीं, तो वहां माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। सीमा धनकी ने पुलिस और मीडिया को बताया कि जब उन्होंने नायब तहसीलदार तुषार मानिक से अपनी फाइल पर हस्ताक्षर करने का विनम्र अनुरोध किया, तो वे अचानक बुरी तरह भड़क उठे। आरोप है कि तहसीलदार ने गुस्से में कहा, “तुम होती कौन हो मुझे हस्ताक्षर करने के लिए कहने वाली? जाओ और मैनपाट में जाकर हस्ताक्षर करा लो।” इसके साथ ही उन्होंने न सिर्फ फाइल को कथित तौर पर फेंक दिया, बल्कि महिला को जबरन दफ्तर से बाहर निकालने का आदेश भी दे दिया।
अपमानित महसूस होने के बाद सीमा धनकी ने तत्काल इस पूरे वाकये की जानकारी अपने भाई और स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो को दी। जैसे ही यह खबर विधायक के समर्थकों तक पहुंची, वे भारी संख्या में लामबंद होकर राजापुर उप तहसील कार्यालय पहुंच गए। उग्र समर्थकों ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किए सीधे कार्यालय के भीतर प्रवेश किया और नायब तहसीलदार तुषार मानिक को पकड़ लिया। समर्थकों ने अधिकारी को केबिन से खींचकर बाहर निकाला और उनके साथ जमकर मारपीट की, जिसके कारण अधिकारी के कपड़े भी तार-तार हो गए।
घटना की गंभीरता को भांपते हुए घायल नायब तहसीलदार ने किसी तरह सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी (SDM) फागेश सिन्हा को फोन पर आपबीती सुनाई। सूचना मिलते ही एसडीएम तुरंत दफ्तर पहुंचे, लेकिन तब तक वहां खुद विधायक रामकुमार टोप्पो भी पहुंच चुके थे। प्रशासनिक सूत्रों का आरोप है कि विधायक और उनके साथ आए अन्य लोगों ने भी वहां अधिकारी के साथ हाथापाई की। ऐसे विकट हालातों में एसडीएम फागेश सिन्हा ने खुद आगे बढ़कर बीच-बचाव किया और बड़ी मुश्किल से नायब तहसीलदार को हिंसक भीड़ से सुरक्षित निकाला।
नायब तहसीलदार की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए एसडीएम फागेश सिन्हा ने उन्हें तुरंत अपनी शासकीय गाड़ी में बिठाया और जिला मुख्यालय अंबिकापुर के लिए रवाना हो गए। इस बीच, घटना के तुरंत बाद विधायक रामकुमार टोप्पो अपनी चचेरी बहन सीमा धनकी के साथ सीधा सीतापुर थाने पहुंचे। वहां विधायक की बहन द्वारा शासकीय अधिकारी के खिलाफ उनके साथ अभद्र व्यवहार, बदसलूकी और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की लिखित शिकायत दर्ज कराई जा रही है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में फिलहाल पीड़ित नायब तहसीलदार ने भय या अन्य कारणों से सीतापुर थाने में विधायक और समर्थकों के खिलाफ कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। मामले का संज्ञान लेते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे पीड़ित अधिकारी को लेकर उनके समक्ष उपस्थित हों। कलेक्टर ने बताया कि मारपीट की इस गंभीर घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी। दूसरी तरफ, इस घटना से नाराज राजस्व अधिकारी संघ के तमाम पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंच गए हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
IPL 2026 Final Update: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) का सबसे बड़ा और खिताबी मुकाबला…
Himachal Accident: हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत चंबा जिले में घूमने आए बेंगलुरु के दो परिवारों…
World Milk Day 2026: दूध को हमारे समाज में केवल एक पेय पदार्थ नहीं, बल्कि…
Kawardha Murder : छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला…
West Bengal Cabinet : पश्चिम बंगाल में नई सरकार के ऐतिहासिक गठन को अब करीब…
SIR Phase 3: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र…
This website uses cookies.