Chhattisgarh Toll Tax Hike: छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रदेश के विभिन्न नेशनल हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा की दरों में वृद्धि की घोषणा की है। यह नई दरें 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगी। बिलासपुर से रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ जैसे शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अब हर टोल पार करने पर पहले के मुकाबले अधिक शुल्क देना होगा। एनएचएआई ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल का संशोधित चार्ट जारी कर दिया है।

प्रमुख टोल प्लाजा पर 5 रुपये की बढ़ोतरी: एक लाख वाहन होंगे प्रभावित
एनएचएआई के नए नोटिफिकेशन के अनुसार, बिलासपुर जिले के चार प्रमुख टोल बूथों—भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा—पर 5 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की गई है। इन रास्तों से रोजाना लगभग एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिन पर इस आर्थिक बदलाव का सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, स्थानीय निवासियों और 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले पासधारकों के लिए राहत की खबर है; उन्हें पुरानी दरों पर ही सफर करने की छूट दी गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से उन यात्रियों को प्रभावित करेगी जो लंबी दूरी तय करते हैं या व्यवसायिक कार्यों से दूसरे जिलों में जाते हैं।
सालाना पास की कीमतों में उछाल: अब खर्च करने होंगे 3075 रुपये
न केवल दैनिक टोल, बल्कि वार्षिक (एनुअल) पास बनवाने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी शुल्क बढ़ा दिया गया है। वर्तमान में कार के लिए बनने वाले सालाना पास की कीमत 3,000 रुपये है, जिसमें 200 बार टोल बूथ पार करने की सीमा होती है। 1 अप्रैल से इस पास के लिए 75 रुपये अतिरिक्त यानी कुल 3,075 रुपये चुकाने होंगे। भारी कमर्शियल वाहनों के लिए यह बढ़ोतरी 5 रुपये से लेकर 20 रुपये तक तय की गई है। सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, यह वार्षिक रिवीजन फास्टैग लागू होने के समय तय किए गए नियमों का ही एक हिस्सा है।
कैसे तय होती हैं टोल की दरें? डब्ल्यूपीआई (WPI) का गणित
टोल टैक्स की दरों में बदलाव मनमाना नहीं होता, बल्कि यह होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) यानी थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित होता है। हर साल के अंत में मंत्रालय इस इंडेक्स का मूल्यांकन करता है और उसी के आधार पर दरों की समीक्षा की जाती है। इस वर्ष देश भर में लगभग 2.5% की औसत वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, टोल की राशि सड़क की लंबाई और वहां मौजूद बुनियादी ढांचे जैसे फ्लाईओवर, टनल और अंडरपास की संख्या पर भी निर्भर करती है। बेहतर सुविधाओं वाले हाईवे पर रखरखाव का खर्च अधिक होने के कारण वहां टोल भी अधिक लिया जाता है।
फास्टैग अनिवार्य: बिना टैग वाले वाहनों पर लगेगा दोगुना जुर्माना
एनएचएआई ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर नकद (Cash) लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यात्रियों को केवल फास्टैग के जरिए ही भुगतान करना होगा। यदि किसी वाहन में फास्टैग सक्रिय नहीं है या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है, तो उसे नियमानुसार दोगुना टोल टैक्स देना पड़ेगा। यात्रियों की सहायता के लिए हर टोल प्लाजा पर 24 घंटे रिचार्ज की सुविधा और हेल्पडेस्क उपलब्ध रहेगी। एनएचएआई मैनेजर राजेश्वर सूर्यवंशी ने पुष्टि की है कि मुख्यालय के निर्देशों के तहत सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सड़क रखरखाव और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी कदम
अधिकारियों का तर्क है कि नेशनल हाईवे के बेहतर रखरखाव और बढ़ती लागत को देखते हुए यह वार्षिक वृद्धि आवश्यक है। सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने और यात्रियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जुटाए गए फंड का उपयोग किया जाता है। स्थानीय लोगों को राहत देने वाली 20 किमी वाली छूट योजना पहले की तरह सुचारू रूप से चलती रहेगी, जिससे जिले के भीतर आवाजाही करने वाले ग्रामीणों और छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान नहीं होगा।


















