CG Weather Update
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने चिलचिलाती गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे पारे में गिरावट आई है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश का वातावरण सुहावना बना रहेगा, हालांकि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रायपुर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर के आसमान में लगभग 80 प्रतिशत बादलों की मौजूदगी रही और हवा में नमी का स्तर 65 प्रतिशत तक पहुंच गया। बादलों की लुकाछिपी और ठंडी हवाओं के कारण दिन के समय होने वाली तपिश में काफी कमी देखी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को भी रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विज्ञानियों के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में उत्तरी मध्य प्रदेश से लेकर विदर्भ और मराठवाड़ा तक एक द्रोणिका (Trough Line) फैली हुई है, जिसके साथ एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी सक्रिय है। इसके अतिरिक्त, तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर भी एक प्रभावी चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के वातावरण में बादलों का निर्माण तेज हो गया है। इसी कारण प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है।
आईएमडी (IMD) ने प्रदेश के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए नागरिकों को सचेत किया है। विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी प्रबल संभावना है। खराब मौसम के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
अगर पूरे प्रदेश की बात करें, तो तापमान में काफी विविधता देखने को मिली है। दुर्ग जिला 36.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। बिलासपुर में पारा 35 डिग्री, अंबिकापुर में 33.4 डिग्री और पेंड्रारोड में 33.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है, जिससे मार्च की तपिश से राहत मिली है।
सांख्यिकीय आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल मार्च के महीने में वर्षा का कोटा अब तक पूरा नहीं हो पाया है। 1 से 19 मार्च के बीच प्रदेश में सामान्यतः 6.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 2.1 मिमी ही दर्ज की गई है। रायपुर में वर्षा की 56 प्रतिशत कमी रही है, वहीं बालोद, दुर्ग और कोरबा जैसे जिलों में अब तक सूखा ही रहा है। हालांकि, बस्तर, दंतेवाड़ा और गरियाबंद में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जो खेती के नजरिए से महत्वपूर्ण है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक हल्की बारिश और 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि, इस मौसमी सिस्टम के कमजोर पड़ने के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी। अनुमान है कि अगले सप्ताह की शुरुआत से पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हो सकता है, जिससे एक बार फिर गर्मी का अहसास बढ़ेगा।
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