Chhattisgarh Weather
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ के आसमान में एक बार फिर बादलों का डेरा जमने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में अस्थिरता देखी जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 अप्रैल 2026 को राज्य के विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज अंधड़ की संभावना जताई है। विशेष रूप से राजधानी रायपुर और आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने किसानों और आम जनता की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान होने का डर बना रहता है।
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान में जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास के क्षेत्रों में 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है। इसके प्रभाव को और अधिक बल देने के लिए उत्तर-पूर्व विदर्भ के ऊपर 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से हवाओं की दिशा बदल गई है और बंगाल की खाड़ी से नमी छत्तीसगढ़ की ओर आ रही है। यही कारण है कि भीषण गर्मी के बीच अचानक बादलों की आवाजाही और गरज-चमक की स्थिति निर्मित हो रही है।
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 7 अप्रैल को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की प्रबल संभावना है। रायपुर संभाग के जिलों और बस्तर के घने जंगलों वाले इलाकों में बिजली गिरने (वज्रपात) की भी आशंका जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘अंधड़’ कहा जाता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें।
भले ही प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है, लेकिन अधिकतम तापमान में किसी बड़े गिरावट की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारा स्थिर बना रहेगा। दिन के समय सूरज की तपिश और हवा में नमी होने के कारण ‘उमस वाली गर्मी’ (Humid Heat) लोगों को परेशान कर सकती है। रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और शाम का वक्त थोड़ा सुहावना रहेगा, लेकिन दोपहर की लू से पूरी तरह निजात मिलना मुश्किल है।
राहत के ये कुछ दिन बहुत जल्द खत्म होने वाले हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 के बाद मौसम की यह अस्थिरता समाप्त हो जाएगी और आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की तेज बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। इसका सीधा मतलब है कि छत्तीसगढ़ में गर्मी का दूसरा और अधिक भीषण दौर शुरू होने वाला है। लू के थपेड़े और तेज धूप से बचने के लिए अभी से तैयारी करना जरूरी है।
अंधड़ और वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि जब भी आसमान में बिजली कड़के, वे तुरंत किसी पक्की छत के नीचे चले जाएं। खुले मैदानों, तालाबों और ऊंचे पेड़ों के पास रहना जानलेवा साबित हो सकता है। साथ ही, तेज हवाओं के दौरान अस्थाई छतों और होर्डिंग्स से दूर रहने की भी हिदायत दी गई है।
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