CJP Jail Bharo Andolan : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग (ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवादों को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर अनुमति नहीं मिलने के बाद जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि वह 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहता था, लेकिन मुंबई पुलिस की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई। CJP ने कहा है कि यदि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलती है, तो वह जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी जानकारी
CJP ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर मुंबई पुलिस के फैसले की जानकारी दी। संगठन ने पोस्ट में महात्मा गांधी की तस्वीर लगाते हुए कहा कि पुलिस ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। CJP ने अपने पोस्ट में मतदान के अधिकार के साथ विरोध जताने के अधिकार का भी उल्लेख किया और इसे नागरिकों की आवाज से जोड़कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
2 अक्टूबर को जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
CJP ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर उसे गांधी जयंती के दिन विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो संगठन जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा। संगठन का कहना है कि वह अपने मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाना चाहता है। हालांकि, अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में आगे की रणनीति के तहत जेल भरो आंदोलन का रास्ता अपनाने की बात कही गई है।
अभिजीत दीपके ने फैसले पर जताई आपत्ति
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी अपने निजी एक्स अकाउंट से इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने उनके प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अभिजीत दीपके ने नागरिकों की आवाज को दबाने के लिए इस तरह के कदम उठाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे विरोध की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए अपनी चिंता सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक की।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
इस पूरे विवाद की शुरुआत CJP की उस मांग से जुड़ी है, जिसमें संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। अभिजीत दीपके ने 25 सितंबर 2026 को एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा था कि यदि 26 सितंबर तक CEC अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो संगठन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।
मुंबई से देशभर में प्रदर्शन का आह्वान
अभिजीत दीपके ने अपने पहले के आह्वान में कहा था कि गांधी जयंती पर मुंबई से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद इस अभियान को देश के हर शहर तक ले जाने की बात कही गई थी। उन्होंने लोगों से गांधी जयंती के अवसर पर लोकतंत्र को बचाने की शपथ लेने का आह्वान भी किया था। अब पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद CJP ने जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है।
ECI से जुड़े विवादों को लेकर CJP सक्रिय
CJP लंबे समय से चुनाव आयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सार्वजनिक अभियान चला रही है। संगठन की ओर से चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े सवाल उठाए जाते रहे हैं। मौजूदा मामले में भी CJP का विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी उसकी मांगों के संदर्भ में प्रस्तावित किया गया था।
गांधी जयंती पर प्रस्तावित था प्रदर्शन
CJP ने 2 अक्टूबर, यानी गांधी जयंती को प्रदर्शन के लिए चुना था। संगठन ने अपने अभियान को महात्मा गांधी के सत्याग्रह और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर पेश किया है। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद अब संगठन ने अपनी अगली कार्रवाई के रूप में जेल भरो आंदोलन का विकल्प सामने रखा है। इस घटनाक्रम पर आगे प्रशासन और पुलिस की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
अनुमति विवाद के बीच आगे की रणनीति पर नजर
फिलहाल CJP की ओर से स्पष्ट किया गया है कि गांधी जयंती पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन के ऐलान के बाद अब 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित गतिविधियों को लेकर प्रशासनिक स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं CJP और अभिजीत दीपके की ओर से उठाए गए चुनाव आयोग संबंधी सवालों पर भी राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी रहने की संभावना है।
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