Congress Protest Raipur
Congress Protest Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले कुछ समय से अपराध की बढ़ती घटनाओं और चरमराती कानून व्यवस्था को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मंगलवार को शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेसी नेताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक ज्ञापन सौंपा और शहर में शांति व्यवस्था बहाल करने की पुरजोर मांग की।
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर आरोप लगाया कि रायपुर अब अपराध की राजधानी बनता जा रहा है। नेताओं ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हत्या, लूट, सरेराह मारपीट और बलात्कार जैसी जघन्य वारदातें आम हो गई हैं। चाकूबाजी की घटनाओं ने आम नागरिकों, विशेषकर छात्रों और व्यापारियों की रातों की नींद उड़ा दी है। कांग्रेस का दावा है कि पुलिसिंग के कमजोर होने के कारण अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे राजधानी में असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
ज्ञापन में कांग्रेस ने शहर में फल-फूल रहे अवैध कारोबारों पर भी तीखा प्रहार किया है। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि रायपुर के गली-मोहल्लों में अवैध शराब, नशीली दवाओं और ऑनलाइन जुआ-सट्टे का धंधा बेखौफ चल रहा है। आरोप लगाया गया है कि कई थानों में पुलिस बल की भारी कमी है और जहां बल मौजूद है, वहां अधिकारियों का रवैया उदासीन और लापरवाह है। कांग्रेस के अनुसार, इन अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण ही छोटे अपराधी बड़े गिरोहों का रूप ले रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस का ध्यान अपराध रोकने के बजाय आम जनता की जेब ढीली करने पर अधिक है। नेताओं ने कहा कि चौराहों पर केवल चालान काटने और अनावश्यक वसूली के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, जबकि चाकूबाज और लुटेरे खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पुलिस अपनी प्राथमिकताएं बदले और राजस्व वसूली के बजाय सार्वजनिक सुरक्षा और गश्त (पेट्रोलिंग) पर अधिक ध्यान केंद्रित करे।
कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी कुछ दिनों में अपराधों पर अंकुश नहीं लगाया गया और कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। नेताओं ने कहा कि रायपुर की जनता की सुरक्षा के लिए कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए अब सीधे तौर पर पुलिस कमिश्नर और जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे नजर आए। प्रतिनिधिमंडल में शहर अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे के साथ पूर्व सांसद छाया वर्मा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय और महापौर एजाज ढेबर जैसे बड़े नेता शामिल थे। इसके अलावा सुबोध हरितवाल, आकाश शर्मा, संजय पाठक और अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
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