Ganesh Pandal Controversy: गणेश उत्सव 2025 के दौरान पूरे भारत में भव्य पूजा-अर्चना और उत्सव मनाए जा रहे हैं, लेकिन कुछ जगहों पर विवाद भी उभरकर सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के लाखे नगर में भी गणेश पंडाल और वहां स्थापित गणेश प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लाखे नगर सिंधु एकता गणेश युवा समिति द्वारा भगवान गणेश की AI तकनीक से निर्मित इमेज और उसे कार्टून रूप देने के कारण धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसके चलते लाखे नगर गणेश पंडाल और प्रतिमा के दर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। AI इमेज और कार्टून स्वरूप पर विवाद लाखे नगर गणेश समिति ने इस बार गणेश जी की प्रतिमा को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया था। समिति ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का उपयोग करके गणेश जी की एक अनोखी इमेज बनाई और उसे कार्टून स्वरूप में पंडाल में स्थापित किया। यह नई प्रस्तुति शुरू में लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी, लेकिन धीरे-धीरे कुछ हिंदूवादी संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताया। लिखित शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस आजाद चौक थाने में गुरुवार को हिंदूवादी संगठनों की ओर से लाखे नगर गणेश समिति के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई। भक्त सेवा के प्रवक्ता खेमसागर हियाल ने लिखित शिकायत में बताया कि गणेश जी के स्वरूप को कार्टून और AI इमेज में परिवर्तित करने से हिंदू धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया है। पंडाल में हंगामा और विवाद शिकायत के बाद गुरुवार की रात को कुछ हिंदूवादी संगठनों के सदस्य लाखे नगर गणेश पंडाल में पहुंचकर हंगामा करने लगे। उनके और समिति के सदस्यों के बीच तीखा वाद-विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर समिति प्रबंधन ने भगवान गणेश की प्रतिमा को ढक दिया और आगंतुकों को पंडाल से वापस भेज दिया। इसके बाद पंडाल के दर्शन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। पुलिस और प्रशासन की भूमिका आजाद चौक पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है, इसलिए इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन भी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए प्रयासरत है। गणेश उत्सव के दौरान तकनीक और परंपरा का संतुलन गणेश उत्सव जैसे धार्मिक आयोजनों में आधुनिक तकनीक का प्रयोग नया और आकर्षक हो सकता है, लेकिन परंपरागत धार्मिक भावनाओं का भी सम्मान जरूरी है। लाखे नगर का यह मामला बताता है कि तकनीक के प्रयोग के साथ धार्मिक संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना चाहिए। Read More : Russia Ukraine Conflict: रूस-यूक्रेन संघर्ष में बढ़ेगी तेज़ी? पुतिन की कड़ी चेतावनी, यूरोपीय देशों की पीसकीपिंग पर विवाद
















