अंबिकापुर@thetarget365 : तेंदूपत्ता गोदाम निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। तत्कालीन और वर्तमान वन विभाग अधिकारियों पर फर्जी बिल और वाउचर के जरिए 20 करोड़ से अधिक का गबन करने के आरोप हैं। इतने रुपए खर्च होने के बावजूद अधूरा व घटिया निर्माण कराया गया है। अधिवक्ता व आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने कोतवाली में मामले की शिकायत कर संबंधित ऑफिसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
सरगुजा वन विभाग द्वारा मणिपुर थाना क्षेत्र के सांड़बार बैरियर के समीप तेन्दू पत्ता रखने के लिए गोदाम का निर्माण कराया गया है। पूर्व व वर्तमान डीएफओ सहित पूर्व व वर्तमान रेंजरों द्वारा कुटरचना कर शासकीय राशि का बंदरबांट किया गया। एक ही तिथि में 15 से 20 लाख लेबर पेमेंट किया गया है।
इसमें भी एक ही व्यक्ति को एक तथा एक ही खाते में पेमेंट किया गया है, जो संभव नहीं है। डीके सोनी ने आरोप लगाया है कि वन विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार द्वारा शासन का करीब 20 करोड़ रुपए से अधिक का भ्रष्टाचार किया है।
क्वालिटी में भी भर्राशाही
वन विभाग द्वारा किए गए भ्रष्टाचार सुर्खियों में रहे हैं। विभाग पर पूर्व में भी कई भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। डीके सोनी का कहना है कि तेन्दू पत्ता गोदाम निर्माण के लिए 20 करोड़ से अधिक राशि बंदरबांट होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं कराया गया है। छड़ व सीमेंट मानक के अनुरूप नहीं लगाया गया है।
गोदाम में रखे जा रहे पीडीएस के चावल
तेंदूपत्ता रखने के लिए गोदाम का निर्माण किया गया था परंतु उसमें बिना किसी अनुमति पीडीएस का चावल रखा जा रहा है। इस बड़े घोटाले में पूर्व वन मंत्री के करीबी ठेकेदार की संलिप्तता की बात भी सामने आई है। लगभग 20 करोड़ रुपए के अधिक के भ्रष्टाचार की शिकायत डीके सोनी द्वारा कोतवाली में की गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।