Crow FIR Bihar : बिहार के खगड़िया जिले में आवासीय प्रमाण पत्र के लिए कुछ बेहद अजीबो-गरीब ऑनलाइन आवेदन सामने आए हैं। इनमें भगवान श्रीराम, माता सीता और एक कौआ के नाम से आवेदन किए गए, जिनमें आवेदकों की तस्वीरों की जगह रामायण के पात्रों और कौआ की तस्वीरें लगाई गई थीं। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत तीनों आवेदन खारिज कर दिए गए।

आवेदन में लिखा गया: ‘दुनिया खतरे में है’
इन अजीब आवेदनों में प्रमाण पत्र बनवाने का कारण भी चौंकाने वाला था—”दुनिया खतरे में है” और “दुनिया में फिर रामायण होगा”। प्रशासन ने इसे सरकारी प्रक्रिया का मजाक बताते हुए गंभीरता से लिया है और संबंधित थानों में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

भगवान राम और माता सीता के नाम पर आवेदन
पहला मामला चौथम अंचल कार्यालय से जुड़ा है। यहां ‘श्रीराम’ नाम से आवेदन आया, जिसमें पिता का नाम दशरथ, माता कौशल्या और गांव अयोध्या बताया गया। इसी तरह ‘सीता देवी’ के नाम से किए गए दूसरे आवेदन में पिता जनक, माता सुनैना और गांव भी अयोध्या दर्शाया गया है। दोनों में मोबाइल नंबर 9999999999 दर्ज है। अंचलाधिकारी रवि राज ने पुष्टि की कि ये आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए हैं और प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कौआ बना आवेदक, मांगा प्रमाण पत्र
दूसरा मामला खगड़िया सदर अंचल कार्यालय का है, जहां एक कौआ के नाम से ऑनलाइन आवेदन किया गया। इसमें कौआ के पिता का नाम ‘कौआ सिंह’ और माता का नाम ‘मैना सिंह’ दर्ज किया गया था। गांव भड़ास बताया गया और तस्वीर में एक असली कौआ की फोटो लगाई गई थी। यह आवेदन 12 दिसंबर 2024 को किया गया था।
प्रशासन ने लिया सख्त रुख, FIR और जांच शुरू
खगड़िया के सीओ अमीर हुसैन ने बताया कि कौआ वाले आवेदन को अस्वीकृत कर दिया गया है और राजस्व अधिकारी शंभू कुमार की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह हरकत सरकारी तंत्र और व्यवस्था का मजाक उड़ाने की मंशा को दर्शाती है।
IP एड्रेस के लिए एनआईसी को भेजा पत्र
खगड़िया जिला प्रशासन ने अब इन अज्ञात आवेदकों की पहचान के लिए तकनीकी सहायता मांगी है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), दिल्ली को पत्र भेजकर इन आवेदनों के आईपी एड्रेस की जानकारी मांगी गई है ताकि दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
पहले भी हुआ था ‘डॉग बाबू’ का मामला
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बिहार में इस तरह की हरकत हुई हो। इससे पहले ‘डॉग बाबू’ नाम के एक कुत्ते के नाम पर भी आवासीय प्रमाण पत्र जारी किया गया था, जिसके बाद संबंधित राजस्व अधिकारी को निलंबित कर दिया गया था।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी तंत्र के साथ की गई ऐसी मज़ाकिया हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।










