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Crypto Market Crash:13 दिसंबर 2025 को बाजार में रिकॉर्ड गिरावट, बिटकॉइन और इथेरियम फिसले

Crypto Market Crash: क्रिप्टोकरेंसी बाजार अपनी अत्यधिक अस्थिरता (volatility) के लिए जाना जाता है, और शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को यह एक बार फिर तेज गिरावट का शिकार हुआ। बाजार में आई रिकॉर्ड गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कॉइनमार्केटकैप के आँकड़ों के अनुसार, वैश्विक क्रिप्टो बाजार का कुल पूंजीकरण (Market Cap) 2.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ $3.06 ट्रिलियन डॉलर पर पहुँच गया।

Crypto Market Crash: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो: बिटकॉइन के हाल

दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन (Bitcoin – BTC), इस गिरावट से अछूती नहीं रही। पिछले 24 घंटों के दौरान इसमें करीब 2.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

  • 13 दिसंबर 2025, सुबह 10:38 बजे तक, बिटकॉइन $90,390.35 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले 24 घंटे की गिरावट को दर्शाता है।

  • हालांकि, अगर हम पिछले 7 दिनों के आँकड़ों पर नजर डालें, तो बिटकॉइन में अभी भी लगभग 0.75 प्रतिशत की हल्की तेजी बनी हुई है।

इससे पहले, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की घोषणा के बाद क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक मजबूत उछाल देखने को मिली थी। लेकिन, यह तेजी क्षणिक साबित हुई और जल्द ही बाजार एक बार फिर मंदी की चपेट में आ गया।

Crypto Market Crash: अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी का प्रदर्शन

बाजार में आई इस गिरावट ने अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी को भी प्रभावित किया।

क्रिप्टोकरेंसी 24 घंटे में गिरावट ट्रेडिंग मूल्य (USD)
एथेरियम (Ethereum – ETH) 4.87% तक लुढ़का $3,091.43
टीथर (Tether – USDT) हल्की गिरावट $1.00
सोलाना (Solana – SOL) 3.14% फिसल गया $132.90
बीएनबी (BNB) 0.32% फिसला – (मूल्य उपलब्ध नहीं)

एथेरियम ने सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की, जो 4.87 फीसदी तक लुढ़क कर $3,091.43 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, सोलाना भी 3.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ $132.90 पर कारोबार कर रही थी। स्टेबलकॉइन टीथर में मामूली कमी देखी गई, जबकि बीएनबी में भी 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?

बाजार विशेषज्ञों और जानकारों का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार में आई शुरुआती तेजी के बाद गिरावट के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:

  1. RBI का सख्त रुख (RBI’s Strict Stance): बाजार जानकारों के अनुसार, फेडरल रिजर्व द्वारा रेट कट की घोषणा के बाद बाजार में जो उछाल आया था, उसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सख्त और सतर्क रुख ने कम करने का काम किया। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया और मुनाफावसूली शुरू हो गई।

  2. निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking): शुरुआती उछाल के बाद, कई निवेशकों ने अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी की बिक्री शुरू कर दी। मुनाफावसूली (Profit Booking) की इस व्यापक गतिविधि के कारण ही क्रिप्टोकरेंसी मार्केट “लाल निशान” (Red Zone) में चला गया।

संक्षेप में, बाजार की मौजूदा गिरावट फेड की घोषणा के बाद की अस्थिरता और निवेशकों की मुनाफावसूली की प्रवृत्ति का परिणाम है। बाजार में अब आगे की दिशा के लिए नियामक (regulatory) घटनाक्रमों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर रखी जा रही है।

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Thetarget365

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