Crypto Market Crash
Crypto Market Crash: दुनिया की सबसे लोकप्रिय और सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के लिए सोमवार का दिन भारी साबित हो रहा है। आज 19 जनवरी 2026 को बिटकॉइन की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह लुढ़ककर 92,000 डॉलर के स्तर पर पहुँच गया। इस बड़ी गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह विवादास्पद फैसला है, जिसने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। ट्रंप ने घोषणा की है कि वे ग्रीनलैंड की खरीद को लेकर आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाएंगे। इस भू-राजनीतिक तनाव ने न केवल शेयर बाजार बल्कि डिजिटल एसेट सेक्टर को भी हिला कर रख दिया है।
ट्रंप ने 17 जनवरी को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक चौंकाने वाला पोस्ट किया। उन्होंने घोषणा की कि 1 फरवरी 2026 से डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड्स और ब्रिटेन जैसे देशों से आने वाले सामान पर 10% का टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप का लक्ष्य ग्रीनलैंड की “पूरी और अंतिम खरीद” को सुनिश्चित करना है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि यदि जून तक इस पर कोई समझौता नहीं होता है, तो यह टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। यूरोपीय नेताओं ने इसे कूटनीतिक ‘ब्लैकमेल’ और खतरनाक कदम बताया है, जिससे अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक युद्ध की स्थिति बन गई है।
ग्रीनलैंड विवाद और बढ़ते ट्रांसअटलांटिक तनाव के कारण निवेशकों के बीच ‘रिस्क-ऑफ’ (जोखिम से बचने) की भावना प्रबल हो गई है। निवेशक अब बिटकॉइन जैसे अस्थिर एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भाग रहे हैं। ‘CoinGlass’ के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा और लगभग 600 मिलियन डॉलर की ‘लॉन्ग पोजीशंस’ (तेजी के सौदे) लिक्विडेट हो गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि मात्र एक घंटे के भीतर ही 514 मिलियन डॉलर की बिकवाली दर्ज की गई। इस सामूहिक बिकवाली ने पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम पर दबाव बना दिया है।
‘CoinMarketCap’ की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैप में पिछले 24 घंटों में 85 अरब डॉलर की भारी कमी आई है। कुल बाजार पूंजीकरण अब 2.65% गिरकर 3.12 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। प्रमुख करेंसी बिटकॉइन (-2.8%) के साथ-साथ एथेरियम में भी 3.13% की गिरावट देखी गई और यह 3,195 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। रिपल (XRP) सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जिसमें 5% से अधिक की गिरावट आई। हालांकि, स्थिर मुद्रा टेदर (USDT) अपने सामान्य स्तर पर बनी हुई है, जो दर्शाती है कि लोग अस्थिर टोकन बेचकर डॉलर के मूल्य वाली करेंसी में शरण ले रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों और ‘livemint’ की रिपोर्ट के अनुसार, बिटकॉइन के लिए आने वाले कुछ दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। तकनीकी जानकारों का मानना है कि यदि बिटकॉइन अपने वर्तमान सपोर्ट लेवल को बनाए रखने में विफल रहता है, तो इसकी अगली बड़ी गिरावट 90,000 डॉलर तक हो सकती है। वर्तमान में बाजार में बिटकॉइन का प्रभुत्व (Dominance) 59.1% है, जो स्थिर है, लेकिन भू-राजनीतिक माहौल इसे और नीचे धकेल सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, विशेषकर ग्रीनलैंड और यूरोपीय संघ की प्रतिक्रियाओं पर कड़ी नजर रखें।
DC vs RR : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में कठिन दौर से…
Strait of Hormuz Reopening : पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों और गहराते कूटनीतिक गतिरोध…
NCB Drug Bust : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ…
Raja Shivaji Box Office : मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा अब…
Petrol Diesel Prices : भारत में आम जनता की जेब पर महंगाई की एक और…
SECR Cancelled Trains : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन से सफर करने…
This website uses cookies.