Dalai Lama successor : भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं से जुड़े मुद्दों पर कोई रुख नहीं अपनाती या बोलती नहीं है। विदेश मंत्रालय का यह बयान बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के 2 जुलाई के बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था – तिब्बती बौद्धों को मेरा उत्तराधिकारी चुनने का पूरा अधिकार होगा।
मंत्रालय ने कहा – भारत सरकार ने हमेशा भारत में सभी के लिए धार्मिक स्वतंत्रता को बरकरार रखा है और आगे भी ऐसा करती रहेगी। हमने दलाई लामा के दलाई लामा संस्था के विस्तार के बारे में दिए गए बयान के बारे में रिपोर्ट देखी है। 2 जुलाई को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 15वें तिब्बती धार्मिक सम्मेलन में दलाई लामा ने कहा था – उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का एकमात्र अधिकार गदेन फोडरंग ट्रस्ट को है। किसी और को इस मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
दलाई लामा का इशारा चीन की ओर था। उनके इस बयान के बाद चीन ने कहा है- दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चीनी सरकार की मंजूरी लेनी होगी। चीनी कानून, नियम, धार्मिक रीति-रिवाज और ऐतिहासिक परंपराओं का पालन करना होगा। हिमाचल प्रदेश में 3 दिनों तक चलेगा 15वां तिब्बती धार्मिक सम्मेलन हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 15वां तिब्बती धार्मिक सम्मेलन शुरू हो गया है। यहां दलाई लामा ने साफ कहा कि दलाई लामा की संस्था भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके निधन के बाद भी उनके उत्तराधिकारी का चयन तिब्बती बौद्ध परंपरा के अनुसार ही किया जाएगा।
तिब्बत और बौद्ध धर्म में चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए दलाई लामा ने साफ कहा कि उनके उत्तराधिकारी के चयन में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। अगर चीन ऐसा करने की कोशिश भी करता है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले पर चीन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। चीन का कहना है किधर्मशाला में दलाई लामा लाइब्रेरी और अभिलेखागार में 3 दिवसीय धार्मिक सम्मेलन शुरू हुआ है, जिसमें तिब्बती बौद्ध धर्म की विभिन्न परंपराओं के प्रमुख लामा, तिब्बती संसद, नागरिक समाज, संगठन और दुनिया भर के तिब्बती समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के चयन की जिम्मेदारी ‘गडेन फोडरंग ट्रस्ट’ को सौंप दी है। दलाई लामा ने दलाई लामा संस्था से संबंधित मामलों की देखरेख के लिए 2015 में ट्रस्ट की स्थापना की थी।तेनजिन ग्यात्सो ने कहा कि अगले दलाई लामा की पहचान और मान्यता की पूरी प्रक्रिया ट्रस्ट की एकमात्र जिम्मेदारी है। कोई अन्य व्यक्ति, संगठन या सरकार इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
दलाई लामा ने कहा कि ट्रस्ट के अलावा कोई भी व्यक्ति अगले दलाई लामा की नियुक्ति नहीं कर सकता। इस घोषणा के साथ ही यह चर्चा समाप्त हो गई कि वर्तमान दलाई लामा की मृत्यु के बाद चीन स्वयं 15वें दलाई लामा की नियुक्ति करेगा।दलाई लामा ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि 1969 में हमने यह स्पष्ट कर दिया था कि संस्था को जारी रखने का निर्णय संबंधित लोगों द्वारा लिया जाना चाहिए। पिछले 14 वर्षों में हमें संस्था को जारी रखने के लिए दुनिया भर से, खासकर तिब्बत से अनुरोध प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि 24 सितंबर 2011 को भी उन्होंने कहा था कि जब वह लगभग 90 वर्ष के होंगे, तब वह इस मामले पर निर्णय लेंगे। सीटीए नेता बोले- चीन इस परंपरा का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के नेता पेनपा शेरिंग ने धर्मशाला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन पर दलाई लामा की विरासत को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा- चीन इस परंपरा का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है, जो पूरी तरह से निंदनीय है। यह एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है और हम इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेंगे। पेनपा शेरिंग ने यह भी कहा कि मौजूदा चीनी सरकार की नीतियां तिब्बती पहचान, भाषा और धर्म को मिटाने की कोशिश कर रही हैं। शी जिनपिंग की सरकार तिब्बती लोगों की सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों को निशाना बना रही है।
Read More : Pakistan army operation : अफगान सीमा पर 30 आतंकवादी मारे गए
Trump Iran statement: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
IndiGo Airfare Hike: देश की सबसे बड़ी और लोकप्रिय एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने हवाई…
IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के आगाज से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स…
Instagram: मेटा के लोकप्रिय फोटो और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' (Instagram) के यूजर्स के लिए…
IPL 2026 KKR Squad : आईपीएल 2026 के आगाज से ठीक पहले कोलकाता नाइट राइडर्स…
Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच वैश्विक तेल संकट गहराता…
This website uses cookies.